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Showing posts from November, 2022

बाड़मेर में हजारों मजदूर बेटों को अब मिलेगी अटकी छात्रवृत्ति

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विभाग का जवाब-31 दिसंबर 2022 कर देंगे समस्त निस्तारण खबर का असर बाड़मेर पत्रिका. निर्माण श्रमिक शिक्षा एवं कौशल योजना में राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित श्रृंखलाबद्ध समाचारों पर जिला कलक्टर ने सहायक श्रम आयुक्त बालोतरा को स्पष्टीकरण मांगा तो विभाग ने 31 दिसंबर 2022 तक लंबित समस्त प्रकरणों का निस्तारण करने का वादा किया है। विभाग ने राजपत्रित अवकाश के दिन भी कार्यालय खुला रखकर आवेदन के निस्तारण को टीमें गठित करने का उल्लेख किया है। राज्य स्तर पर हुए रिजेक्ट आवेदनों को लेकर सरकार के स्तर पर कार्यवाही होगी। राजस्थान पत्रिका के अभियान मजदूर का कहक दो सरकार के तहत प्रकाशित श्रृंखलाबद्ध खबरों में निर्माण श्रमिक शिक्षा एवं कौलश योजना में बरती गंभीर लापरवाही से आवेदनों के बड़ी संख्या में निरस्त, लंबित और जांच में अटके होने का खुलासा किया गया। जिले में एक लाख से अधिक मजूदरों के परेशान होने के साथ ही योजना में एक साथ रिजेक्ट हुए आवेदनों की पोलपट्टी सामने लाई गई। इस पर जिला कलक्टर ने श्रम विभाग आयुक्त से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी। विभाग ने कहा- करेंगे निस्तारण श्रम विभाग के आयुक्त रामचंद्र गढ...

शादीशुदा युवती से अफेयर, 14 दिन पहले घर से भागे, दोनों के टांके में मिले शव

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सिणधरी क्षेत्र के मोतीसरा स्थित खेत के टांके से रविवार को युवक-युवती के शव बरामद होने की घटना से सनसनी फैल गई। दोनों में प्रेम-प्रसंग का मामला सामने आया है। युवती की शादी 6 महीने पहले हुई थी। उसके बाद से ही वह गांव में रहने वाले युवक से प्रेम करने लगी थी। युवती पिछले 13 नवम्बर से घर से लापता थी। थाने में दर्ज गुमशुदमी में युवक पर संदेह जताया गया था। पुलिस के अनुसार 13 नवंबर को एड सिणधरी निवासी विशनाराम ने रिपोर्ट पेश कर बताया कि उसकी पत्नी चनणी देवी (20) घर से बिना बताए निकल गई। युवती के पति ने रिपोर्ट में एड सिणधरी निवासी जोगाराम पुत्र किरताराम नामक युवक के साथ जाने का संदेह जताया। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर युवती की तलाश में पुलिस हैदराबाद बेंगलुरु सहित अन्य ठिकानों पर तलाश की लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं मिला। रविवार को मोतीसरा में युवक- युवती का शव टांके में तैरते मिले। पुलिस ने टांके के आसपास युवती के पहने गहने मिलने पर युवती की पहचान हुई। मृतक के परिजनों व ग्रामीणों की सहायता से दोनों शवों को बाहर निकाल कर राजकीय अस्पताल मोर्चरी में रखवाया। एफएसएल टीम पहुंची मौके पर लिया सैंपल...

दस वर्ष आंगनबाड़ी संभाली, अब थानेदार, जानें हेमलता चौधरी के संघर्ष की कहानी

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बाड़मेर। बचपन में तीसरी कक्षा में पढ़ रही एक बालिका ने अपने स्कूल में खाकी वर्दी में पुलिस कांस्टेबल को देखा तो मन ही मन ठान लिया कि उसे भी पुलिस बनना है। पढ़ते-पढ़ते वह दसवीं कक्षा तक पहुंची तो एकाएक अचानक ही परिजनों ने उसका विवाह कर दिया। विवाह होने के बाद भी वह पढ़ती रही। बारहवीं की पढ़ाई के दौरान उसे बेटी हुई और वह मां बन गई। बारहवीं पास करने के बाद उसने आंगनबाड़ी में अस्थायी नौकरी व स्वयंपाठी के रूप में पढ़ाई की और अंतत: अपने बचपन के सपने का पीछा करते हुए पुलिस उप निरीक्षक बनने में कामयाब हुई। कठिन संघर्ष व कई चुनौतियों से रूबरू होने वाली हेमलता चौधरी जिले के सरणू चिमनजी गांव की बेटी है। 14 किमी पैदल चलकर पढ़ाई सरणू चिमनजी गांव की एक ढाणी में पली बढ़ी हेमलता के माता-पिता किसान है। परिवार में कोई सरकारी सेवा में नहीं है। किसान दुर्गाराम ने आठवीं कक्षा तक अपनी बेटी को नजदीकी विद्यालय में पढ़ाया। इसके बाद घर से करीब सात किलोमीटर दूर स्थित राउमावि सरणू में दाखिला दिलवाया। हेमलता ने प्रतिदिन चौदह किलोमीटर की पैदल यात्रा कर पढ़ाई की। यह भी पढ़ें : बेटी के पदकों से चमकी मां के संघर्ष...

नए व पुराने नियमों के मकड़जाल में उलझी प्रदेश की ​शिक्षा

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  दिलीप दवे बाड़मेर. शिक्षा विभाग में बंपर तबादलों व स्कूल क्रमोन्नति के आदेशों के बीच पिछले दो सत्रों से वरिष्ठ अध्यापक व व्याख्याताओं की डीपीसी विभागीय प्रोन्नति समिति नहीं होने से रिक्त पदों का गणित बिगड़ गया है। इसके पीछे नए व पुराने नियम को लेकर उलझन है। स्थिति यह है कि राज्य स्कूलों में माध्यमिक शिक्षा के करीब एक लाख से अधिक पद रिक्त चल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों के हाल ज्यादा खराब हैं। यह भी पढ़ें: ऊंट की चाल पता ना घोडे़ के कदम और कह रहे खेलों शतरंंज इसका खमियाजा बच्चों को उठाना पड़ रहा है। स्कूलों में कोर्स पूरा नहीं हुआ है। वहीं, दूसरी ओर आठ दिसंबर से अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू हो रही है। सवाल है कि बिना पढ़ाई बच्चे परीक्षाएं कैसे देंगे। ऐसे में शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। यह भी पढ़ें: गिरफ्तारी के बाद भी चेहरे पर हंसी, हाथ हिला अ भिनंदन यह है प्रावधान शिक्षा विभाग में प्रति वर्ष रिक्त होने वाले पदों के 50 फीसदी पद सीधी भर्ती से व 50 फीसदी पद विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) से भरने का प्रावधान है। लेकिन माध्यमिक शिक्षा विभाग ...

एक प्रकाश का आवेदन रि-ओपन, ऐसे ही 15 लाख 30 हजार 389 शेष

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बाड़मेर पत्रिका बारहवीं कला में राज्य में टॉपर रहे प्रकाश फुलवारिया का निर्माण श्रमिक शिक्षा एवं कौशल विकास योजना का रिजेक्ट किया हुआ आवेदन श्रम कल्याण विभाग ने शुक्रवार को रि-ओपन कर दिया। स्टेट टॉपर को लेकर हुई तुरंत कार्यवाही ने यह साबित कर दिया कि विभाग चाहे तो रिजेक्ट आवेदनों को रि ओपन कर लाभ दे सकते है, फिर तो प्रदेश के 15 लाख 30 हजार 389 ऐसे ही मजदूर बेटे-बेटियों को छात्रवृत्ति मिल सकती है। जिनके आवेदन रिजेक्ट, लंबित और जांच में अटके पड़े है। मजदूर के हक पर केवल विभागीय लापरवाही का ताला है,वरना राज्य सरकार ने तो यह योजना मजदूर कल्याण के लिए ही प्रारंभ की है। निर्माण श्रमिक शिक्षा एवं कौशल विकास योजना 2016 में प्रारंभ हुई। छठी से उच्च तक छात्रवृत्ति तय की गई, जो मजदूरों के पुत्र-पुत्रियों को मिलने है। इसमें मनरेगा में मजदूरी करने वाले से लेकर निजी मजदूरी करने वाले श्रमिक शामिल है,जिनके पंजीयन कार्ड बने है। योजना का उद्देश्य आर्थिक परेशानी से श्रमिकों के होनहार बच्चे पढ़ाई बीच में नहीं छोड़े था। लोक कल्याणकारी इस योजना को लेकर राज्य सरकार की मंशा अधिकतम को लाभ पहुंचाने की रही,ल...

मजदूर के बेटे ने किया राज्य टॉप, छात्रवृत्ति में आवेदन रिजेक्ट

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बाड़मेर पत्रिका. निर्माण श्रमिक शिक्षा एवं कौशल विकास योजना में प्रदेश में हुए 8 लाख से अधिक ऑटो रिजेक्ट मामलों में एक बड़ा उदाहरण सामने आया है। बारहवीं कला वर्ग में 99.20 अंक हासिल कर प्रदेश को टॉप करने वाले मजदूर के बेटे प्रकाश फुलवारिया का आवेदन भी ऑटो रिजेक्ट कर लिया गया। प्रकाश के आवेदन बाद कई सवाल किए गए और इनका समय पर जवाब नहीं देने का हवाला देकर छात्रवृत्ति निरस्त कर दी गई। धोरीमन्ना के लोहरवा के प्रकाश फुलवारिया ने उच्च माध्यमिक परीक्षा 2020 में कला वर्ग में 99.20 प्रतिशत अंक हासिल किए और राज्य में प्रथम रहे। प्रकाश के पिता चंदनाराम फुलवारिया मजदूर है। श्रमिक के बेटे की इस सफलता पर प्रदेशभर में चर्चे रहे। जितनी तारीफ प्रकाश की हुई उतनी इस बात को लेकर दाद मिली कि मजदूर ने अपने बेटे को पढ़ाया और इतनी मेहनत की कि उसने राज्य को टॉप किया है। जाहिर है ऐसी प्रतिभाओं को मिलने वाली छात्रवृत्ति राज्य और विभाग दोनों के लिए प्राथमिकता के साथ गर्व करने वाली मानी जाएगी लेकिन निर्माण श्रमिक शिक्षा एवं कौशल योजना में इसकी भी छात्रवृत्ति निरस्त कर दी गई। यों हुआ रिजेक्ट 11 अगस्त 2020 को ...

धोरों में उगे आलू से बनेंगे कुरकुरे फ्रेंच-फ्राइज

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पच्चीस एकड़ खेत में हो रही बुवाई किसान खेत में 25 एकड़ में आलू की बुवाई कर रहे हैं। फ सल उत्पादन के पश्चात गुणवत्ता की जांच होगी। गुणवत्ता के आधार पर वर्गीकरण किया जाएगा। इसके बाद आलू की पैकिंग होगी। आलू से उगेंगे आलू कम्पनी ने बीज रूपी तीन संवर्ग के 32,500 क्विंटल आलू किसान के फ ार्म पर बुवाई के लिए भिजवा दिए हैं। बीज रूपी इन आलू से वेजिटेटिव प्रपोगेशन यानी कायिक प्रजनन विधि से आलू की बुवाई होगी। एक सप्ताह बाद 100 दिन में दस गुना आलू होने की उम्मीद है। एक साल पहले किया अध्ययन बाड़मेर जिले में आलू की व्यावसायिक खेती का यह प्रथम प्रयोग है। कंपनी के विशेषज्ञों ने एक वर्ष पहले किसान के खेत का दौरा कर मिट्टी, पानी आदि आवश्यक तत्वों का अध्ययन किया। इसके बाद आलू की संविदा खेती का अनुबंध किया। महिलाओं को मिल रहा गांव में ही रोजगार आलू की बुवाई के लिए गांव की करीब 50 महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है। बीज रूपी आलू आने के बाद महिलाएं बुवाई के लिए आलू को तैयार करने में जुटी हुई हैं। धर्मसिंह भाटी— बाडमेर source https://www.patrika.com/barmer-news/french-fries-by-potato-of-barmer-7885...

राजस्थान में क्यों अटकी है 83 हजार विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति?

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बाड़मेर पत्रिका. निर्माण श्रमिक शिक्षा एवं कौशल योजना में आवेदकों को अटकाने का विभागीय रवैया थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। निरस्त और लंबित मामलों के साथ अब जांच में अटके आवेदकों की संख्या भी प्रदेश में 83 हजार 241 आई है और इसमें सर्वाधिक बाड़ेमर जिले की 10272 है। रेडमार्क हुए बाड़मेर में यह आंकड़ा दर्शा रहा है जैसे मजदूर पुत्र-पुत्रियों के मामले में कोई न कोई सांठगांठ का खेल चल रहा है। मजदूरों के पुत्र-पुत्रियों के आवेदनों को निरस्त और लंबित के मामला प्रकाश में आने के बाद विभागीय अधिकारियों ने ऑटो रिजेक्ट का बड़ा हिस्सा बताकर सरकार के सिस्टम पर ही सवाल खड़ा कर दिया और खुद किनारे हो गए,लेकिन अब एक नया आंकड़ा सामने आया है। यह आंकड़ा जांच का है। इसमें बाड़मेर में 10272 मामले है। यानि बाड़मेर जिले में कुल आवेदन 129992 हुए,इसमें से 23757 को निरस्त कर दिया गया। 20206 को विभाग ने लंबित बताया है। केवल 25755 को ही छात्रवृत्ति मिल पाई है जो पहले करीब 35 हजार मानी जा रही थी। यह जांच करेगा कौन? विभागीय अधिकारियों ने यह आंकड़ा तो दे दिया लेकिन यह जांच करेगा कौन? वही बिल्ली को दूध की रखवाली वा...

BARMER#फजी स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश

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फजी स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश सरकारी अस्तपाल के चिकित्सक की सील का हो रहा था दुरुपयोग दो आरोपियों को किया गिरफ्तार बालोतरा/पचपदरा. पचपदरा पुलिस ने रिफाइनरी क्षेत्र में फर्जी व कूट रचित तरीके से स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थानाधिकारी राजेन्द्रसिंह चारण ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पचपदरा के चिकित्सा अधिकारी डॉ.खुशवन्त खत्री ने 21 नवम्बर को पुलिस थाना में रिपोर्ट प्रस्तुत कर बताया कि पचपदरा व रिफाइनरी क्षेत्र में विभिन्न मेडिकल दुकानदार, लेब संचालक फर्जी स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र तैयार कर श्रमिकों को उपलब्ध करवा रहे हैं। धोखाधड़ी कर इनसे रुपए वसूल रहे हैं। फर्जी स्वास्थ्य प्रमाणपत्र तैयार करने के इस काम में वे राजकीय चिकित्सालय की सील का धडल्ले से उपयोग कर रहे है। सरकारी चिकित्सालय के राजपत्रित अधिकारी की सील का दुरुपयोग कर रहे है। पुलिस ने मामला दजज़् कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम में शामिल उप निरीक्षक ओमप्रकाश, हैड कांनिस्टेबल मुकेश, दौलाराम, कांनिस्टेबल परसुर...

राज्य में 8 लाख और बाड़मेर में 60 हजार हो गए ऑटो रिजेक्ट

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बाड़मेर पत्रिका. मजदूर को कंप्यूटर का खेल समझ में नहीं आ रहा था और वे इस ऐतबार के साथ बैठे रहे कि उनके होनहारों को छात्रवृत्ति मिल जाएगी और इधर सिस्टम मैसेज-मैसेज का खेल खेलकर 90 दिन की अवधि समाप्त होते ही ऑटो रिजेक्ट कर रहा था। 60 हजार मजदूरों के पुत्र-पुत्रियों के आवेदन केवल बाड़मेर जिले में ऑटो रिजेक्ट हुए है और प्रदेश में यह आंकड़ा 8 लाख के पार है। निर्माण श्रमिक शिक्षा एवं कौशल योजना के तहत मजदूर पुत्र-पुत्रियों को छात्रवृत्ति मिलने का विश्वास राज्य सरकार ने बंधाया तो प्रदेश में 22 लाख 71117 ने आवेदन किया। आवेदन ई मित्र के जरिए मजदूरों ने किया और इसके बाद इनके कागजात में कमी को लेकर आक्षेप लगा दिए गए और 90 दिन की अवधि में मजदूरों ने इस पर प्रतिक्रिया नहीं दी तो सिस्टम ने इसे ऑटो रिजेक्ट कर दिया। यह संख्या 90 फीसदी बताई जा रही है यानि प्रदश्ेा में निरस्त हुए 961154 में से करीब 8 लाख है। बाड़मेर जिले में 60 हजार के करीब है। मजदूर बेखबर ही रहे ऑन लाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 2020-21 में हुए ऑटो रिजेक्ट को लेकर अधिकांश मजदूरों की अनभिज्ञता रही है। उनको पता ही नहीं चला कि कब ...

बाड़मेर ने निरस्त कर दिए 73757 और लंबित पड़े 20206

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बाड़मेर पत्रिका. अग्निपीडि़तों के ऑन लाइन आवेदन की पीड़ा का अभी प्रशासन पूरी तरह से हल नहीं कर पाया है और मजदूरों के बेटे-बेटियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति में भी बेहाल स्थितियां सामने आ रही है। यहां 1 लाख 29 हजार 992 ने आवेदन किया और 73757 के आवेदन निरस्त हो गए है और 20206 के लंबित पड़े है। यानि महज 35 हजार के करीब को ही मदद मिल पाई है, जो आवेदन का 20 प्रतिशत से भी कम है। ऑनलाइन पर मॉनीटरिंग का अभाव यह हालात बना रहा है। मजदूरों के पुत्र-पुत्रियों के लिए निर्माण श्रमिक शिक्षा व कौशल योजना संचालित हो रही है,जिसमें छठी कक्षा से उच्चतर शिक्षा,डिप्लोमा व पढ़ाई के लिए सरकारी मदद है। छात्रवृत्ति के रूप में मिल रही यह मदद मजदूर के दो बच्चों और पत्नी को भी देय है। सरकार की मंशा है मजदूर के होनहार बच्चे आर्थिक स्थिति को लेकर पढ़ाई या अपना लक्ष्य नहीं छोड़े। इसके लिए बजट का प्रावधान भी पूर्ण है और आवेदन की प्रक्रिया पूरी होते ही उसको छात्रवृत्ति देय है। ऑन लाइन प्रक्रिया मॉनीटरिंग नहीं असल में यह कार्य अब ऑन लाइन किया गया है और यहां से परेशानी शुरू हो गई है। ऑन लाइन प्रक्रिया में प्रशासनिक...

आरएलपी के धरने पर गाड़ी चढ़ाने का आरोप, प्रशासन से मांगी सुरक्षा

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बाड़मेर. बजरी दरों को कम करने को लेकर आरएलपी की ओर से बालोतरा में पिछले 35 दिनों से बेमियादी धरना दिया जा रहा है। पार्टी के नेताओं ने रविवार को एडीएम बाड़मेर से मिलकर धरनार्थियों को सुरक्षा देने की मांग की है। आरएलपी का आरोप है कि धरना स्थल पर शुक्रवार देर रात में कार्यकर्ताओं पर रॉयल्टी कार्मिकों ने गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। कार्यकर्ताओं ने भागकर जान बचाई। इसलिए सुरक्षा दी जाए। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रदेश महामंत्री उम्मेदाराम बेनीवाल ने बताया कि बजरी की मनमानी कीमतों के विरोध में रॉयल्टी कार्मिकों के खिलाफ आंदोलन करते हुए बालोतरा में धरना दिया जा रहा है। सरकार इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। पार्टी के लगातार आंदोलन से अब रॉयल्टी कार्मिक बौखला गए है। इसके कारण धरने पर रात को गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। सूचना पर बालोतरा पुलिस व एसडीएम मौके पर पहुंचे। बेनीवाल ने बताया कि इस प्रकरण में थाने में मामला दर्ज करवाने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते एडीएम अश्विनी के पंवार से मिलकर मामले से अवगत करवाया। एसपी को फोन पर पूरे मामले की जानकारी ...

प्रकृति की तरफ लौटना है प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति

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प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति सदियों से चली आ रही है, बस उस तरफ लौटने की जरूरत है। जो बिना किसी साइड इफैक्ट के सभी तरह के रोगों का उपचार करने में सक्षम है। आज के आपाधापी और तेज रफ्तार जिंदगी में प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति और भी प्रासंगिक हो जाती है। प्रदूषण और अन्य कई प्रकार के अन्य कारणों से बीमारियों की चपेट में आने की आशंका को प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति समूल रूप से नष्ट करने की क्षमता रखती है। आयुर्वेद से जुड़ी ही प्राकृतिक चिकित्सा है। इसकी खास बात यह है कि इस चिकित्सा में बिना किसी तरह की दवा निगले उपचार किया जाता है। जिससे व्यक्ति को बिना किसी साइड इफैक्ट के बीमारी से मुक्ति मिलती है। धीरे-धीरे लोग आयुर्वेद के साथ अब प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति की तरफ बढ़ रहे हैं। लोग अब इसकी महत्ता को समझ रहे हैं। अब हर जिला मुख्यालय पर प्राकृतिक चिकित्सा उपचार केंद्र प्रत्येक जिला मुख्यालय पर योग प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान केन्द्र संचालित है। जिनमें योग एवं प्राकृति चिकित्सा के विषय विशेषज्ञ उपचार करते है। बाड़मेर में संचालित केंद्र में अभिषेक शर्मा पहले योग व प्राकृतिक चिकित्साअधिकारी के रूप में ...

सात बहनें व एक भाई ने हादसे में माता-पिता को खोया, लोगों ने 4 दिन में 1.47 करोड़ की मदद

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रावताराम सारण/सिणधरी (बाड़मेर)। चार दिन पहले सड़क हादसे में माता-पिता खो चुके गरीब परिवार की सात पुत्रियों और एक पुत्र की मदद के लिए समाज ने मानवता की यादगार इबारत लिख दी है। बाड़मेर जिले के गुडामालानी के मालपुरा गांव निवासी खेतराम भील और उसकी पत्नी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई। चार साल का बेटा दुर्घटना की वजह से जोधपुर के अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। खेतराम के बेटे-बेटियों की मदद के लिए हर वर्ग व तबके के लोग तत्काल आगे आए और चार दिन में ही 1 करोड़ 47 लाख रुपए बेटियों के खाते में जमा हो गए हैं। परिवार दो कच्चे झोंपे और एक कच्ची ईंटों के बने कमरे में रहता है। गरीब परिवार को अब एक छत की दरकार है। यह भी पढ़ें : सिर से उठा पिता का साया, मां भी साथ छोड़ गई मगर हिम्मत नहीं हारी, जानें Kiran Rawat की कहानी मां-बाप नहीं लौटा सकते पर फिक्र मत करना...: आठों भाई-बहन के लिए पढ़ाई, शादी, मकान, अनाज और जरूरत के हर सामान की मदद समाज ने की है। जो आया वे बेटियों के सिर पर हाथ रखकर यही कहता गया-बेटा-मां-बाप नहीं लौटा सकते...,बाकी फिक्र मत करना। अनाथ हुई बेटियों की आंखों में मां-बाप खोन...

Rajasthan Road Accident: राजस्थान में बस और ट्रेलर के बीच भीषण भिड़ंत, मची चीख पुकार

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Rajasthan Road Accident: राजस्थान में शुक्रवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और 10 लोग घायल हो गए। हादसा ( Barmer Road Accident ) बाड़मेर जिले के सिणधरी में गुड़ामालानी रोड पर हुआ। सिणधरी थानाधिकारी सुरेंद्र कुमार के अनुसार मेगा हाईवे पर बस और ट्रेलर की आमने-सामने से भिड़ंत हो गई। हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई है और 10 लोग घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया। हादसा इतना भीषण था कि बस का आगे का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।   बस में सवार लोगों को कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला। हादसे में गंभीर घायलों को जोधपुर, सांचौर और गुजरात के अस्पतालों के लिए रैफर किया गया है। पुलिस ने बताया कि निजी बस जोधपुर और अहमदाबाद के बीच चलती है। शुक्रवार सुबह हादसे के समय अहमदाबाद से लौटते हुए गुड़ामालानी रोड पर ट्रेलर से बस की भिड़ंत हो गई। यह भी पढ़ें : स्कूल से घर लौट रही स्कूटी सवार महिला शिक्षक को ट्रक ने मारी टक्कर, मौके पर ही मौत हादसे में बस के आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं ट्रेलर के परखचे उड़ ...

Barmer : 4 दिन, 17861 अभ्यर्थी, 1.16 लाख किमी दौड़ी रोडवेज

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बाड़मेर. वनपाल सीधी भर्ती परीक्षा में बाड़मेर डिपो की बसें अभ्यर्थियों की आवाजाही को लेकर कुल 1 लाख 16 हजार 73 किमी दौड़ी। चार दिनों में कुल 17861 परीक्षार्थियों ने बाड़मेर से जोधपुर व उदयपुर आवाजाही की। इस दौरान कुल 78 बसों का डिपो से संचालन हुआ। इस दौरान अन्य डिपो की भी कुछ बसों से बाड़मेर से परीक्षा सेंटर तक ले जाया गया। रोडवेज की बसें परीक्षा को लेकर बाड़मेर डिपो से चार दिन 11 से 14 नवम्बर तक जोधपुर और उदयपुर के बीच ही दौड़ती रही। इस दौरान परीक्षा स्पेशल बसें भरकर चली। पहले दिन सर्वाधिक बसों का संचालन रोटेशन में किया गया, इस दौरान कुल 83 बसें चलाई गई। बाड़मेर-जोधपुर के बीच चली बसों ने दिन में दो-दो आवाजाही की। चार दिन परीक्षा के नाम रही रोडवेज परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की आवाजाही के चलते सामान्य यात्रियों को जगह कम मिली। उदयपुर के लिए बाड़मेर से ज्यादा अभ्यर्थी परीक्षा देने गए। वहीं जोधपुर में रोडवेज के अलावा अन्य साधनों से भी पहुंचे। डीजल के लिए कतारों में रही रोडवेज बसों को यहां आने पर तुरंत अन्यत्र रवाना किया जा रहा था। इसलिए बस वापसी के बाद सीधे ही निजी पम्प पहुंची और ...

खतरे में पड़ा जननी एक्सप्रेस का जीवन

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एक माह से सेवा बंद, महिलाओं को हो रही असुविधा, निजी वाहनों पर खर्च करने पड़ते रुपए खतरे में पड़ा जननी एक्सप्रेस का जीवन आस-पास से आती है जननी एक्सप्रेस समदड़ी. जननी को अस्पताल लाने और प्रसव के बाद घर तक छोड़ने के लिए राज्य सरकार की प्रारम्भ की गई बहुउद्देशीय योजना जननी एक्सप्रेस के वाहन का जीवन ही खतरे में पड़ गया है । वाहन में बार-बार खराबी आने से इसकी नियमित सेवाएं जननी को नहीं मिल पा रही है । इससे जननी को अस्पताल तक आने एवं वापस घर जाने के लिए किराए के निजी वाहनों का उपयोग करना पड़ रहा है । पिछले करीब एक माह से जननी एक्सप्रेस खटारा हालात में खड़ी है । वाहन भी पुराना होने से ठीक होने के बाद भी इसमें बार-बार खराबी आने से सेवा का लाभ समय पर जननी को नहीं मिल पाता। नसबंदी के बाद महिलाओं को भी इसी वाहन से घर भेजा जाता है। जननी एक्सप्रेस खराब होने से सरकारी योजना का लाभ जननी को नहीं मिल पाता है । राज्य सरकार को अस्पताल के लिए नया वाहन उपलब्ध करवाना चाहिए जिससे कि सेवा में व्यवधान ना पड़े। - उमराव कंवर सरपंच रानीदेशीपुरा जननी की सेवा को लेकर प्रारम्भ की गई योजना का लाभ जननी को समय प...

अब शिक्षा की उड़ान भरेंगे नदी के उस पार के छात्र

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अब शिक्षा की उड़ान भरेंगे नदी के उस पार के छात्र बच्चे नहीं जा रहे थे पढऩे तो घर के पास खोल दी पाठशाला कच्ची बस्ती के बच्चे जुड़े शिक्षा से सिणधरी. शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है। लेकिन सिणधरी (किशनपुरा)में 15 परिवारों के 40 बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे थे। जो कि 15 परिवारों के मासूमों की शिक्षा के आडे आ रही थी। लूणी नदी को पार कर पाना मासूमों के लिए असंभव था। ऐसे में उड़ान ग्रुप आगे आया। उड़ान ने इन बच्चों के घरों के पास ही शिक्षा का मन्दिर बना दिया। ग्रामीणों के सहयोग से उड़ान ग्रुप के संचालक श्रवण गोदारा ने उड़ान पाठशाला का शुभारंभ कर दिया। शुभारंभ के दौरान कच्ची बस्ती के बच्चों ने उड़ान ग्रुप व भामाशाह का आभार प्रकट किया बच्चों ने कहा कि विद्यालय जाना संभव नहीं था। विद्यालय दूर होने के कारण अब हमारे को घर के नजदीक की शिक्षा मिलेगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मैनेजर सुमित जौड़ा ने कहा कि बच्चे विद्यालय तो नहीं पहुंच पाते लेकिन उनको शिक्षा से वंचित नहीं रखा जा सकता। उनका भविष्य संवारना अपन सभी का काम है। उन्होंने कहा कि बच्चे विद्यालय नहीं पहुंच पाते हैं तो कोई दोराय नहीं वह अपने...

blood... ब्लड बैंक को 'एनीमिया', खून चढ़ाने की जरूरत

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बाड़मेर राजकीय ब्लड बैंक में रक्त की भारी कमी है। स्टोरेज में केवल 133 यूनिट रक्त ही बचा है। जबकि रोजाना की खपत 20-25 यूनिट तक हो रही है। ऐसी स्थिति में बैंक में रक्त की जरूरत है, जिससे मरीजों की जिदंगी बचाई जा सके। वर्तमान स्थिति को देखते हुए बैंक खुद 'एनीमियाÓ की शिकार हो गई है। ब्लड बैंक में रक्त की कमी पिछले काफी समय से चल रही है। जरूरत पर कई तो यहां के कार्मिक डोनर्स को बुलाकर रक्तदान करवाते है। लेकिन पिछले दिनों से कैम्प की निरंतरता में आई कमी के कारण बैंक में खून की कमी हो गई। कई बार तो ऐसा भी हुआ है कि बैंक से अन्य जिलों को खून भेजा गया है। लेकिन वर्तमान में ब्लड बैंक को रक्त की आवश्यकता है। खून की खपत बढ़ गई राजकीय अस्पताल के मरीजों के लिए रक्त की डिमांड बढ़ी है। पिछले कुुछ समय से रोजाना बैंक से 20-25 यूनिट रक्त रोजाना इश्यू हो रहा है। सबसे अधिक रक्त गायनिक के मामलों में जाता है। वहीं दूसरे नम्बर पर पीडियाट्रिक वार्ड में रक्त की खपत है। वहीं अन्य वार्ड में इस सीजन में बीमारों की संख्या बढ़ी है, जो अधिक खपत का कारण है। नियमित नहीं लग रहे ब्लड कैम्प ब्लड बैंक से रोजाना...

अमेरिका,लंदन और न्यूजीलैण्ड तक खबर गुजरात चुनाव है

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रतन दवे दाण्डी(गुजरात). गुजरात के चुनावों की चर्चा केवल देश में नहीं है..अमेरिका, लंदन, न्यूजीलैण्ड, कनाडा और गल्फ देशों में भी सुबह शाम यह खबर है कि गुजराम में चुनाव है। कौनसी विधानसभा से कौन लड़ रहा है और उसकी स्थिति क्या है? जीत-हार के गणित का यह हिसाब-किताब इसलिए है कि दक्षिण गुजरात में एनआरआइ कल्चर इतना बढ़ चुका है कि दक्षिण गुजरता के दाण्डी, साामोरा, नानी पैथारन, मोटी पैथान, मटवाड़, आर्ट और दर्जनों गांवों में हर परिवार से कोई न कोई विदेश में है। दाण्डी क्षेत्र का ऐतिहासिक गांव है। 1830 में महात्मा गांधी ने नमक कानून के विरोध में दाण्डी यात्रा यहीं से की थी। अंग्रेजों को भारत छुड़वाने का बिगुल बजाने वाले इस गांव में पहुंचने पर दाण्डी यात्रा के म्युजियम में पूरी यात्रा का जीवंत दृश्य नजर आता है,जिसे देखने के लिए प्रति दिन 500 से 700 लोग और अवकाश के दिन में 4000 से अधिक लोग पहुंचते है। ये लोग म्युजियम, समुद्र का किनारा देखकर लौट जाते है लेकिन सड़क के इस किनारे बसे दाण्डी गांव में कम ही लोगों के कदम पड़ते है। इस गांव की अलग ही तस्वीर है जो समूचे दक्षिण गुजरात की कहानी कहती है। ख...

थार में बदला मौसम, बिजली चमकी, बूंदाबांदी

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बाड़मेर जिले में मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। सर्दी की दस्तक के बाद पहली बार सोमवार देर शाम को जिले के शिव कस्बे व आसपास में बूंदाबांदी हुई। अचानक हुई बूंदाबांदी के बाद हवा सर्द हो गई। पूर्वानुमान में मौसम विभाग ने हल्की बरसात की उम्मीद जताई थी। बाड़मेर के शिव में देर शाम अचानक आसमान में बिजली चमकने लगी। इस दौरान लोगों को बरसात की उम्मीद जगी। कुछ देर में बूंदबांदी का दौर शुरू हो गया। बूंदाबांदी होने से सड़कें भीग गई। सर्दी का असर अब बढ़ता जा रहा है। दिन और रात का पारा नीचे जा रहा है। हवा में ठंडक घुलती जा रही है। मौसम विभाग ने अगले सप्ताह में तापमान में और कमी के संकेत दिए है। सुबह-शाम के साथ अब दिन में भी सर्दी महसूस होने लगी है। सर्दी बढऩे के साथ लोगों की दिनचर्या में परिवर्तन आने लगा है। अब सुबह सड़कों पर चहल-पहल देरी से शुरू हो रही है। गर्म कपडे पहने भी लोग दिख रहे हैं। बादलों की रहेगी आवाजाही, हो सकती है बूंदाबांदी अगले चार-पांच दिनों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। इसके चलते बूंदाबांदी या हल्की बरसात हो सकती है। जिससे आने वाले दिनों में सर्दी का असर बढ़ सकता है। बाड़मेर ज...

साढ़े तीन लाख छात्राएं कर रही पैदल सफर, आधे सत्र बाद भी नहीं मिली साइकिलें

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दिलीप दवे बाड़मेर. प्रदेश की नौवीं कक्षा की करीब साढ़े तीन लाख छात्राएं आधे सत्र से साइकिल का इंतजार कर रही है। योजना के तहत अब तक साइकिल नहीं मिलने पर पैदल स्कूल जाने को मजबूर है। हालांकि राज्य में पहली बार 9वीं कक्षा की छात्राओं को अपनी पसंद की साइकिल खरीदने का मौका दिया है, लेकिन अब तक साइकिलें नहीं मिली है। मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के तहत इस बार साइकिल वितरण योजना में बदलाव किया गया है। राज्य की स्कूलों में पढ़ने वाली 9वीं कक्षा की करीब 3.50 लाख छात्राओं को साइकिलों का निशुल्क वितरण किया जाना है। छात्राओं को छूट दी गई है कि वे अपनी पसंद की साइकिल ले सकेंगी। इसके लिए छात्राओं को ई वॉलेट दिया जाएगा, जिसे कंपनी के शोरूम पर देना होगा। कंपनी को पेमेंट बैंक से हो जाएगा। यदि किसी छात्रा को सरकार की ओर से तय से ऊंची दर वाली साइकिल पसंद है तो बढ़ी हुई रकम छात्रा को देनी होगी। यह भी पढ़ें: आड़े आ रहा मातृभाषा का ज्ञान, थोक की भर्ती में प्रदेश के युवा अयोग्य राज्य सरकार ने ईडब्ल्यूएस वर्ग की कक्षा 6 से 8 तक की छात्राओं को भी निशुल्क साइकिल देने की घोषणा की है। राज्यभर में इस वर्ग की 60 प्...

तीन बाद सर्दी के तेवर होंगे तेज, पारा 12 डिग्री तक जाएगा नीचे

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बाड़मेर. मौसम में घुल रही हल्की सर्दी तीन बाद चमकने वाली है। मौसम विभाग ने संकेत दिए है कि 15 नवम्बर से सर्दी का असर तेज हो जाएगा। पारे में गिरावट की शुरूआत शुक्रवार से होने की संभावना जताई गई है। बाड़मेर में सर्दी का असर अभी केवल सुबह-शाम ही है। मौसम में बदलाव जरूर दिख रहा है, लेकिन तापमान सामान्य से अधिक चल रहा है। बाड़मेर में गुरुवार को अधिकतम 34.0 व न्यूनतम 20.1 डिग्री रेकार्ड किया गया। दो दिनों से बादलों की आवाजाही आसमान में पिछले दो दिनों से बादलों की आवाजाही चल रही है। लेकिन तेज धूप निकल रही है। वहीं रात का तापमान अभी सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा चल रहा है। इसके कारण सर्दी अभी हल्की महसूस हो रही है। आज से तापमान में आएगी गिरावट विभाग की माने तो शुक्रवार से मौसम में बदलाव शुरू हो जाएगा। रात के पारे में तेजी से गिरावट दर्ज की जा सकती है। विभाग ने 15 नवम्बर तक रात के पारे के 12 डिग्री और दिन का तापमान 28-29 डिग्री तक रहने का पूर्वानुमान जताया है। अभी दिन में गर्म कपड़ों की जरूरत नहीं बाड़मेर में अभी गर्म कपड़ों की दिन में जरूरत नहीं है। हालांकि रात में लोग स्वेटर पहने दिखते...

स्वच्छता की कीमत समझनी होगी

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बाड़मेर। पानी एवं हवा से स्वच्छता ज्यादा कीमती है। समय रहते स्वच्छता की कीमत पहचाननी होगी। स्वच्छ भारत मिशन में आमजन के साथ वृहद स्तर पर जन प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। जन आंदोलन के जरिए स्वच्छ भारत का सपना साकार हो सकेगा। स्वच्छ भारत मिशन राष्ट्रीय योजना स्वीकृति समिति के गैर सरकारी सदस्य एवं राजस्थान के पूर्व स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर के.के.गुप्ता ने गुरुवार को बाड़मेर जिला मुख्यालय पर जिला परिषद में स्वच्छ भारत मिशन संबंधित बैठक में गुप्ता ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में सार्वजनिक स्थानों एवं प्रत्येक घर में प्लास्टिक संग्रहण के लिए प्लास्टिक घर की शुरूआत करनी चाहिए। इसके लिए सीमेंट के खाली कट्टे का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके बाद प्लास्टिक को एक स्थान पर एकत्रित करके रिसाइकिल किया जाए। प्लास्टिक बंद करना का यह तरीका कारगर महिला सशक्तिकरण के तहत सिलाई मशीन लगाकर महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। कपड़े की थैलियां बनाकर महिलाएं कम पैसों में बाजार में देंगी तो प्लास्टिक भी बंद हो जाएगा और महिलाओं को भी रोजगार मिलने लग जाएगा। प्लास्टिक बंद करने का यही एकमात्र सबसे स...

seasonal diseases : डेंगू से ज्यादा घातक स्क्रब टायफस और स्वाइन फ्लू ! दोनो बीमारियां निगल गई 33 जिंदगियां-

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डेंगू का असर पूरे प्रदेश में बना हुआ है। बरसात के बाद शुरू हुए डेंगू रोगियों का आंकड़ा प्रदेश में 10 हजार के पास पहुंच चुका है। लेकिन हैरत की बात यह है कि डेंगू के बड़े आंकड़े को देखते हुए मौतें केवल 6 बताई जा रही है। जो आंकड़ों पर सवाल पैदा करती है। वहीं स्क्रब टायफस के 1667 केस में ही मौतों का आंकड़ा 22 तक पहुंच गया। स्वाइन फ्लू को बेअसर माना जाना रहा है, जबकि सीजन में कुल 11 रोगियों को निगल चुका है। पूरे राजस्थान में डेंगू विकराल रूप से फैला है। सभी जिलों में बरसात के बाद सैकड़ों की संख्या में रोगी मिले हैं और सिलसिला अभी भी बना हुआ है। जयपुर जिले में सबसे अधिक केस है और दूसरे नम्बर पर बाड़मेर है। पॉजिटिव केस के मुकाबले मौतों का आंकड़ा काफी कम है। जयपुर जिले में साढ़े तीन हजार केस मिले हैं, जबकि मौत केवल एक हुई है। वहीं बाड़मेर जिले में विभाग ने डेंगू से मौत होने से इनकार किया है। स्वाइन फ्लू और स्क्रब टायफस जानलेवा स्क्रब टायफस से इस साल सबसे ज्यादा मौतें हुई है। चिकित्सा विभाग के आंकड़े बताते हैं कि 20 अक्टूबर तक कुल 22 की मौत हुई। वहीं कुल 1667 केस मिले है। सबसे अधिक 8 मौतें ...

Roadways...वनरक्षक सीधी भर्ती परीक्षा के लिए रोडवेज की अतिरिक्त बसें होगी संचालित

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बाड़मेर। राजस्थान कर्मचारी चयन आयोग बोर्ड की 12 व 13 नवम्बर को दो सत्रों में प्रात: 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक एवं 2:30 बजे से 4:30 बजे तक आयोजित होने वाली वनरक्षक सीधी भर्ती परीक्षा-2020 में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थियों को नि:शुल्क यात्रा के लिए रोडवेज की अतिरिक्त बसों का संचालन 11 नवम्बर से किया जाएगा। बाड़मेर आगार मुख्य प्रबंधक उमेश नागर ने बताया कि 11 नवम्बर को बाड़मेर से जोधपुर वाया बालोतरा के लिए केन्द्रीय बस स्टैंड से प्रात: 6 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक प्रत्येक तीस मिनट के अंतराल से बसों का संचालन किया जाएगा। वहीं बालोतरा से उदयपुर वाया सिवाना, जालोर के लिए दोपहर एक, दो, तीन, चार व पांच बजे बसों का संचालन होगा। ग्रामीण क्षेत्रों से भी चलेगी बसें उन्होंने बताया कि इसी प्रकार सिणधरी से उदयपुर वाया जीवाणा, जालोर के लिए शाम चार बजे, गुड़ामालानी से उदयपुर वाया रामजी गोल, सांचौर के लिए दोपहर दो बजे, धोरीमन्ना से उदयपुर वाया सांचौर, रानीवाड़ा के लिए शाम सात बजे, चौहटन से उदयपुर वाया जीवाणा, जालोर के लिए दोपहर 12 बजे, बायतु से उदयपुर वाया बालोतरा, जालोर के लिए शाम 6 बजे बसें च...

जले ट्रांसफार्मर 72 घंटे में बदलने होते हैं, किसान रोजाना काट रहे डिस्कॉम के चक्कर

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रबी बुवाई व सिंचाई काम में जुट किसानों को ट्रांसफार्मर नहीं मिल रहे हैं। खराब व जले विद्युत ट्रांसफार्मर एक-एक सप्ताह तक नहीं मिलने पर किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसान डिस्कॉम कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें कल ट्रांसफार्मर उपलब्ध करवाने की बात कहकर घर लौटाया जा रहा है। डिस्कॉम को बंद, खराब व जले विद्युत ट्रांसफार्मर 72 घंटे में बदलने होते हैं। तय सीमा में तो दूर डिस्कॉम एक-एक सप्ताह में किसानों को ट्रांसफार्मर उपलब्ध नहीं कर पा रहा है। डिस्कॉम ग्रामीण बालोतरा में 1 नवम्बर से छह बंद, खराब, जले विद्युत ट्रांसफार्मर, सिवाना में 1 नवम्बर से 25 केवीए क्षमता के 11 ट्रांसफार्मर, 16 केवीए के 4 ट्रांसफार्मर, व समदड़ी में 2 नवम्बर से 13 ट्रांसफार्मर किसानों को उपलब्ध नहीं करवाए गए है। इसके अलावा बड़ी संख्या में ऐसे किसान है, डिस्कॉम ने इन्हें कृषि विदुयत कनेक्शन उपलब्ध करवाने को लेकर इनके खेत में विदुयत पोल, लाइन आदि आदि जरूरी काम कर दिया है। सिर्फ ट्रांसफार्मर उपलब्ध करवाकर विद्युत की सुविधा उपलब्ध करवाई जा सकती है। लेकिन ट्रांसफार्मर की भारी कमी पर इन्हें भी कनेक्शन उपलब्ध ...

पहला पग का आयोजन, कड़ी परीक्षा से गुजरे एनसीसी छात्र

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पहला पग का आयोजन, कड़ी परीक्षा से गुजरे एनसीसी छात्र बाड़मेर. राजकीय पीजी कॉलेज के प्रेरणा कक्ष में नवप्रवेशित एनसीसी कैडेट्स, एयर रोवर स्काउट्स और ग्रामीण रेंजर्स के लिए पहला पग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थी को अलग-अलग परीक्षाओं से गुजरना पड़ा। परेड टेस्ट, साक्षात्कार, लिखित परीक्षा, डब्लूटी और ओटी टेस्ट के बाद में पहला पग के विजेता का चयन किया गया। इसमें एनसीसी एसडी में रूपसिंह, एनसीसी एसडब्ल्यू में पूरों कुमारी, एयर रोवर स्काउट में जुंजाराम और ग्रामीण रेंजर में शोभना चौधरी विजेता रहे। विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रतिभाओं के परखने का कार्य पूर्व एसयूओ महेंद्र, राहुल, प्रकाश सेन, देवेंद्र और किशोर कुमार ने किया। एनसीसी अधिकारी और एयर रोवर लीडर आदर्श किशोर ने बताया कि एक-एक विद्यार्थी की प्रतिभा को परखना और निखारना मूल कर्तव्य है। कार्यक्रम में प्रियंका दुलार, लक्ष्मी सारण, भूराराम, जुंजाराम, शारदा आदि ने अनुभव साझा किए। संचालन प्रकाश चौधरी ने किया। source https://www.patrika.com/barmer-news/organized-the-first-step-ncc-students-passed-t...

मेगा हाईवे पर विभाजन रेखा नहीं होने से आए दिन हो रही दुर्घटनाएं

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निर्माण एजेंसी नहीं दे रही ध्यान, जगह-जगह सड़क क्षतिग्रस्तमेगा हाईवे पर विभाजन रेखा नहीं होने से आए दिन हो रही दुर्घटनाएं मेगा हाईवे पर वाइट पट्टी विभाजन रेखा के बिना बना हाईवे चलते वाहान। सिणधरी. उपखंड क्षेत्र से गुजरने वाला मेगा हाईवे फलोदी से रामजी गोल तक मार्ग को जोड़ता है। हाईवे पर स्पीड ब्रेकर पर सफेद पट्टी व हाइवे के बीच विभाजन रेखा नहीं होने से लोग जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। हाइवे बनने के दो साल बाद भी नवीनीकरण नहीं होने से जगह-जगह गड्ढों की भरमार पड़ी है। गड्ढों की भरमार को पाटने के लिए औपचारिकता निभाई जा रही है। जिसके चलते एक जगह गड्ढे सही होने के तक दूसरी जगह बड़े गड्ढे बन जाते हैं । नहीं रुक रहे हादसे मेगा हाईवे रामजी गोल से फलोदी को जोड़ने के दौरान कई घुमावदार मोड़ होने के कारण हर समय दुर्घटना का डर रहात है। रिडकोर ने घुमावदार मोड़ में ब्रेकर बनाए लेकिन सांकेतिक बोर्ड नहीं होने के कारण अधिक हादसे होने लगे हैं। पिछले 6 माह के अंदर सिणधरी, पायला कला के आसपास एक दर्जनभर हादसे हो चुके हैं। लंबे समय से मेगा हाईवे पर टोल वसूली के बावजूद भी सुविधाएं नहीं दी जा रही ...

Doctors...केंद्रीय मंत्री की पीएमओ पर टिप्पणी के विरोध में चिकित्सकों का प्रदर्शन, कलक्टर आवास पर धरना

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बाड़मेर. केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी की ओर से जिला परिषद की साधारण सभा के दौरान शनिवार को पीएमओ को लेकर की गई टिप्पणी के खिलाफ समस्त चिकित्सक एवं पैरा मेडिकल स्टाफ राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं संलग्न चिकित्सालय समूह बाड़मेर के बैनर तले चिकित्सा कार्मिक रविवार को विरोध पर उतर आए। दोपहर बाद प्रदर्शन करते हुए बड़ी संख्या में चिकित्सक व कार्मिक कलक्टर आवास के बाहर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। सार्वजनिक रूप से माफी मांगे केंद्रीय मंत्री चिकित्सकों ने मांग करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री अपनी टिप्पणी के लिए सावर्जनिक रूप से माफी मांगे। ऐसा नहीं करने पर कार्य बहिष्कार किया जाएगा। चिकित्सकों के प्रदर्शन को देखते हुए एसडीएम मौके पर पहुंचे, उनको मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। कार्य बहिष्कार की चेतावनी, टिप्पणी की निंदा ज्ञापन में बताया कि केंद्रीय मंत्री की ओर से चिकित्सकों के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी की गई है, जिसकी निंदा की जाती है। समस्त चिकित्सा कार्मिकों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। इससे चिकित्सा टीम हत्सोहित हुई है। जबकि बाड़मेर के चिकित्सकों और कार्मिकों ने केंद्र औ...

साधारण सभा की बैठक: समस्याओं एवं जनहित के मुद्दों पर चर्चा

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साधारण सभा की बैठक: समस्याओं एवं जनहित के मुद्दों पर चर्चा चौहटन. पंचायत समिति चौहटन की साधारण सभा की बैठक शुक्रवार को प्रधान रूपाराम सारण की अध्यक्षता में आयोजित हुई। यह मुद्दे छाए रहे : साधारण सभा की बैठक में पंचायत समिति सदस्यों एवं क्षेत्र के सरपंचों ने बिजली, पानी, शिक्षा, चिकित्सा एवं सड़क सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं के मुद्दे उठाए। इस दौरान पंचायत समिति सदस्य हिन्दूसिंह राठौड़ ने भगवती नगर, चौहटन आगौर, केरनाडा को सनाऊ जीएसएस से हटाकर चौहटन जीएसएस से जोड़ने तथा कस्बे एवं आम रहवासी इलाकों के भीतर से निकलने वाली 11 केवी लाइनों को बदलने की मांग रखी। मते का तला के सरपंच सदरदीन ने जीएसएस पर बाउंडरी वॉल नहीं होने से दुर्घटना होने की संभावना को देखते चार दीवारी बनाने की मांग रखी। कुम्भाराम सेंवर ने जैसार, रतासर बांकलसर आदि गांवों में 2018 में डिमांड राशि जमा किए जाने के बावजूद बिजली कनेक्शन नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। हुड्डों का तला के सरपंच नैनाराम ने कहा कि धारासर, हुड्डों का तला क्षेत्र में बिजली के पोल लगे हुए लेकिन आगे काम नहीं हुआ। केरनाडा के सरपंच जेताराम जाणी ने बताया कि 20 दिन...

राज्य सरकार का बजरी माफियाओं पर अंकुश नहीं : बेनीवाल

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राज्य सरकार का बजरी माफियाओं पर अंकुश नहीं : बेनीवाल बालोतरा. राज्य सरकार का बजरी माफियाओं पर कोई अंकुश नहीं है। यह बात राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रदेश महामंत्री उम्मेदाराम बेनीवाल ने कही। वे बजरी की दरें कम करने की मांग को लेकर रालोपा की ओर से आयोजित 17 वें दिन भी जारी अनिश्चितकालीन धरने पर विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बजरी अप्रत्याशित रूप से महंगी होने के कारण आम आदमी की पहुंच से दूर हो गई है। बजरी की दरें 8 गुणा अधिक होने से गरीब आदमी के लिए घर बनाना मुश्किल हो गया है। कार्यक्रम में रालोपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गजेंद्र चौधरी,रालोपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष जालाराम पालीवाल, पचपदरा ब्लॉक अध्यक्ष थानसिंह राजपुरोहित डोली ने कहा कि अगर राज्य सरकार ने बजरी की दरें कम नहीं कीं तो आगामी दिनों में भूख हड़ताल शुरू करेंगे। युवा मोर्चा प्रदेश महामंत्री ओमप्रकाश काकड़ ने कहा कि सर्वसमाज के नाम पर कांग्रेस व भाजपा के नेताओं ने 18 घंटे का धरना प्रदर्शन कर आम आदमी के साथ कुठाराघात किया है । सामाजिक नेता श्याम डांगी ,युवा मोर्चा ब्लॉक अध्यक्ष गिड़ा ओमप्रकाश बैरड़ ने कार्यकर्ताओं के...

मोदी-गहलोत की हामी से शुरू हो सकती है यह रेलवे परियोजना

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रतन दवे बाड़मेर पत्रिका. राज्य व केन्द्र के लिए तेल व खनिज के बूते अरबों की सालाना कमाई और खरबों के निवेश की योजनाएं लिख रहे बाड़मेर की एक महती योजना महज 5000 करोड़ के लिए पटरी से उतर गई है। यह रेल परियोजना बाड़मेर-जैसलमेर-भाभर की है,जिसका सर्वे 2013 में पूरा हो गया। रेल लाइन जुड़े तो गुजरात और राजस्थान के बॉर्डर के आम आदमी ,सैनिकों, पर्यटन और तेल क्षेत्र के लिए बड़ी सुविधा बन जाए। जैसलमेर-बाड़मेर-भाभर तक 339 किमी की इस परियोजना से राजस्थान और गुजरात के 31 नए स्टेशन जुडऩे है। 1996 में परियोजना का पहली बार प्रस्ताव लिया गया,जब तेल-गैस और आर्थिक उन्नति का कहीं आधार नहीं था। 1999 तात्कालीन सांसद ने संसद में ठोस पैरवी की और 2003 में इस रेलवे लाइन के सर्वे के लिए बजट जारी किया गया। इन्हीं दिनों विश्व की सबसे बड़ी तेल खोज मंगला बाड़मेर में आ गई। उम्मीद जगी कि तेल की खराबों की कमाई में रेल योजना सिरे चढ़ेगी। 2009 से 2013 तक सर्वे पूर्ण कर लिया गया। बाड़मेर-जैसलमेर 145 किमी के लिए 517 करोड़, बाड़मेर भाभर 193.84 किमी के लिए 798 करोड़ और थराद रोड़ बनासर तक 80.75 किमी के लिए 370 करोड़ व्यय ह...

अवैध मादक पदार्थ सहित आरोपी गिरफ्तार

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अवैध मादक पदार्थ सहित आरोपी गिरफ्तार परिवहन के दौरान प्रयुक्त बाइक जब्त, थाना क्षेत्र में एमडी बरामद की पहली कार्रवाई शिव. पुलिस टीम के साथ आरोपी। शिव. पुलिस ने एक व्यक्ति के कब्जे से 5 ग्राम अवैध मादक पदार्थ एमडी बरामद कर उसे गिरफ्तार किया है । पुलिस के अनुसार मोटरसाइकिल पर परिवहन करते अभियुक्त नरपतलाल के कब्जा से 5.180 ग्राम अवैध मादक पदार्थ एमडी बरामद करने में सफलता हासिल की। थानाधिकारी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर कस्बा भिंयाड़ में अभियुक्त नरपतलाल उर्फ नरेश पुत्र दमाराम निवासी रातडी एक बिना नंबरी मोटरसाइकिल पर परिवहन करते हुए 5.180 ग्राम मिफी ड्रोन पदार्थ (एमडी) बरामद कर अभियुक्त नरपतलाल को मोटरसाइकिल सहित गिरफ्तार कर स्थानीय थाने लाया। अभियुक्त के खिलाफ पुलिस थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। वाहन चोरी का आरोपी गिरफ्तार शिव . पुलिस ने वाहन चोरी का आरोपी मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। थानाधिकारी ने बताया कि 20जुलाई 2022 को निंबासर निवासी सलीम ख़ान ने वाहन चोरी का मामला दर्ज करवाया था, जिस पर अनुसंधान अधिकारी यूसुफ खां ने वाहन को सड़क किनारे लावारिस हालत से बर...

धरना समाप्त: बजरी रॉयल्टी की राशि कम करने की घोषणा

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धरना समाप्त: बजरी रॉयल्टी की राशि कम करने की घोषणा जनता को मिलेगी राहत बालोतरा . बजरी की कीमत कम करने की मांग को लेकर नगर में सर्व समाज की ओर से आयोजित धरना सोमवार को मांगे पूरी होने पर समाप्त हो गया । बजरी कीमतों में कमी करने की मांग को लेकर रविवार को नगर के अतिरिक्त जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर सर्व समाज के लोगों ने धरना प्रारंभ किया था। जिला प्रमुख महेंद्र चौधरी, भाजपा नेता बालाराम चौधरी, जिला परिषद सदस्य खेराज राम हुड्डा, सरपंच रईस दान चारण आदि के नेतृत्व में आयोजित धरने में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इन्होंने सरकार व प्रशासन से बजरी कीमतों में कमी करने की मांग की। बताया कि आमजन की समस्या को लेकर वे लंबे समय से मांग कर रहे हैं। इसे लेकर उन्होंने कुछ दिन पहले महापड़ाव डाला था। इसमें शामिल हजारों लोगों ने कीमत में कमी करने को लेकर पुरजोर मांग की थी। सरकार व प्रशासन को एक पखवाड़े का समय दिया था। लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। इस पर मजबूर होकर उन्होंने रविवार को दोबारा धरना प्रारंभ किया। उपखंड अधिकारी विवेक व्यास ने प्रतिनिधि मंडल से वार्ता की मगर कोई हल नहीं नि...

बाड़मेर में नहीं है डेंगू का उपचार, प्लेटलेट कम होते ही पीडि़त रैफर

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बाड़मेर में राजकीय मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद यह उम्मीद जगी कि यहां पर मरीजों को सभी तरह की बीमारियों के इलाज की सुविधा मिलेगी। कॉलेज चार सालों से संचालित हो रहा है, लेकिन मेडिकल कॉलेज संलग्न अस्पताल से अभी भी मरीजों के रैफर का सिलसिला नहीं रुका है। डेंगू तक के उपचार को मरीज तरस जाते है। मरीज के रक्त में प्लेटलेट कम होने पर अस्पताल में कोई उपचार नहीं है। डेंगू पीडि़तों को रैफर किया जा रहा है। बरसात के बाद बाड़मेर में डेंगू कहर बना हुआ है। रोजाना 15-20 पॉजिटिव केस मिल रहे है। अब तक करीब 650 मरीज डेंगू के मिल चुके है। डेंगू के कारण प्लेटलेट कम हो जाती है। जो मरीज के जीवन के लिए बहुत ही जरूरी है। लेकिन बाड़मेर के संलग्न चिकित्सालय समूह में अलग से प्लेटलेट की सुविधा नहीं है। हायर सेंटर पहुंचने से पहले ही टूट रहा दम बाड़मेर में ऐसे कुछ केस भी सामने आए हैं, जिनमें डेंगू पीडि़त की प्लेटलेट कम होने पर हायर सेंटर रैफर के दौरान रास्ते में दम टूट गया। जबकि समय पर उसे प्लेटलेट मिलने पर जीवन को बचाया जा सकता था। बाड़मेर से जोधपुर या डीसा ले जाते समय करीब 3-4 घंटे का समय लगना डेंगू पीडि़त की ...