खतरे में पड़ा जननी एक्सप्रेस का जीवन
एक माह से सेवा बंद, महिलाओं को हो रही असुविधा, निजी वाहनों पर खर्च करने पड़ते रुपए
खतरे में पड़ा जननी एक्सप्रेस का जीवन
आस-पास से आती है जननी एक्सप्रेस
समदड़ी. जननी को अस्पताल लाने और प्रसव के बाद घर तक छोड़ने के लिए राज्य सरकार की प्रारम्भ की गई बहुउद्देशीय योजना जननी एक्सप्रेस के वाहन का जीवन ही खतरे में पड़ गया है । वाहन में बार-बार खराबी आने से इसकी नियमित सेवाएं जननी को नहीं मिल पा रही है । इससे जननी को अस्पताल तक आने एवं वापस घर जाने के लिए किराए के निजी वाहनों का उपयोग करना पड़ रहा है ।
पिछले करीब एक माह से जननी एक्सप्रेस खटारा हालात में खड़ी है । वाहन भी पुराना होने से ठीक होने के बाद भी इसमें बार-बार खराबी आने से सेवा का लाभ समय पर जननी को नहीं मिल पाता। नसबंदी के बाद महिलाओं को भी इसी वाहन से घर भेजा जाता है।
जननी एक्सप्रेस खराब होने से सरकारी योजना का लाभ जननी को नहीं मिल पाता है । राज्य सरकार को अस्पताल के लिए नया वाहन उपलब्ध करवाना चाहिए जिससे कि सेवा में व्यवधान ना पड़े।
- उमराव कंवर सरपंच रानीदेशीपुरा
जननी की सेवा को लेकर प्रारम्भ की गई योजना का लाभ जननी को समय पर मिलने से ही योजना सफल हो पाती है । जिम्मेदार खराब वाहन की समय पर मरम्मत या नए वाहन की व्यवस्था होना जरूरी है।
- सायंतीदेवी सरपंच कम्मों का बाड़ा
महिलाओं के लिए शुरू की गई जननी एक्सप्रेस का वाहन खराब होने से आस-पास से गाड़ी आने में समय अधिक लगता है । सरकार को अविलम्ब नए वाहन की सौगात समदड़ी को देनी चाहिए।
- लेहरीदेवी सरपंच सेवाली
जननी एक्सप्रेस का वाहन पुराना होने से इसमें बार-बार तकनीकी खराबी आ रही है । इसके अभाव में आस-पास के कल्याणपुर, सिवाना आदि नजदीकी क्षेत्र से जननी एक्सप्रेस को बुलाया जाता है । वाहन खराबी की सूचना विभागीय अधिकारियों को दे दी गई है। - डॉ. शिवमंगल नॉगल चिकित्सा प्रभारी अधिकारी
राज्य सरकार ने जननी की सुरक्षा को लेकर 108 की तर्ज पर जननी एक्सप्रेस की सेवा प्रारम्भ की । इसका कार्य जननी को सुरक्षित अस्पताल तक लाना व प्रसव के बाद अस्पताल से छुट्टी मिलने पर जननी को सुरक्षित उसके घर तक छोड़ना है । इस सेवा के लिए सम्बधित को 104 पर कॉल करना होता है । इसके बाद यह वाहन उस स्थल पर पहुंच जाता है । समदड़ी अस्पताल के लिए उपलब्ध यह वाहन खराब होने से पिछले एक माह से ठीक होने के इंतजार में खड़ा है । अब इस सेवा के लिए कल्याणपुर, सिवाना या अन्य जगहों से वाहन आता है जो तीस किलोमीटर दूर होने से समदड़ी तक पहुंचने में देर भी लगती है ऐसे में परिजन जननी को अस्पताल लाने व घर जाने के लिए अपने खर्चे पर निजी वाहनों का उपयोग करने लगे है।
source https://www.patrika.com/barmer-news/life-of-janani-express-in-danger-7871284/
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