एक प्रकाश का आवेदन रि-ओपन, ऐसे ही 15 लाख 30 हजार 389 शेष


बाड़मेर पत्रिका
बारहवीं कला में राज्य में टॉपर रहे प्रकाश फुलवारिया का निर्माण श्रमिक शिक्षा एवं कौशल विकास योजना का रिजेक्ट किया हुआ आवेदन श्रम कल्याण विभाग ने शुक्रवार को रि-ओपन कर दिया। स्टेट टॉपर को लेकर हुई तुरंत कार्यवाही ने यह साबित कर दिया कि विभाग चाहे तो रिजेक्ट आवेदनों को रि ओपन कर लाभ दे सकते है, फिर तो प्रदेश के 15 लाख 30 हजार 389 ऐसे ही मजदूर बेटे-बेटियों को छात्रवृत्ति मिल सकती है। जिनके आवेदन रिजेक्ट, लंबित और जांच में अटके पड़े है। मजदूर के हक पर केवल विभागीय लापरवाही का ताला है,वरना राज्य सरकार ने तो यह योजना मजदूर कल्याण के लिए ही प्रारंभ की है।
निर्माण श्रमिक शिक्षा एवं कौशल विकास योजना 2016 में प्रारंभ हुई। छठी से उच्च तक छात्रवृत्ति तय की गई, जो मजदूरों के पुत्र-पुत्रियों को मिलने है। इसमें मनरेगा में मजदूरी करने वाले से लेकर निजी मजदूरी करने वाले श्रमिक शामिल है,जिनके पंजीयन कार्ड बने है। योजना का उद्देश्य आर्थिक परेशानी से श्रमिकों के होनहार बच्चे पढ़ाई बीच में नहीं छोड़े था। लोक कल्याणकारी इस योजना को लेकर राज्य सरकार की मंशा अधिकतम को लाभ पहुंचाने की रही,लेकिन अधिनस्थ सिस्टम ने लापरवाही बरतते हुए ऑन लाइन हुई इस योजना में आवेदन स्वीकृति की बजाय रिजेक्ट,लंबित और जांच में अटकाने का आंकड़ा 15 लाख 30 हजार 389 कर दिया है और लाभ केवल 7 लाख 33 हजार 581 को ही मिला है।
पत्रिका की खबर का असर, तो अब जागो सरकार
राजस्थान पत्रिका ने श्रृंखलाबद्ध प्रकाशित समाचारों में इसका खुलासा किया। 25 नवंबर को प्रकाशित समाचार राज्य के टॉपर रहे मजदूर के बेटे का भी छात्रवृत्ति आवेदन कर दिया निरस्त समाचार प्रकाशित हुआ तो विभाग ने तुरंत कार्यवाही करते हुए रिजेक्ट हुए इस आवेदन को रिओपन किया। प्रकाश से दूरभाष पर संपर्क कर उससे दस्तावेज और खाता नंबर मांग लिए। इससे यह साबित हो गया कि विभाग एक प्रकाश को तुरंत संपर्क कर सकता है तो 15 लाख 30 हजार 389 मजदूर बेटे-बेटियों को प्रदेशभर में यह लाभ मिल सकता है।
प्रकाश का आवेदन रिओपन कर दिया
प्रकाश से दस्तावेज मंगवा लिए है। उसका आवेदन रिओपन कर लिया गया है। अब उसके खाते में छात्रवृत्ति की राशि जमा करवा दी जाएगी।- रामचंद्र गढ़वीर, जिला श्रम कल्याण अधिकारी
मेरा हुआ तो अन्य का क्या कसूर
मैं भी यही सवाल करता हंू कि मेरा आवेदन यदि रि ओपन किया गया है तो शेष के भी हों। सभी मजदूर बेटे-बेटियों को लाभ मिले। अन्य का भी कोई कसूर नहीं है। - प्रकाश फुलवारिया
यह है प्रदेश की स्थिति
कुल आवेदन आए-2271117
निरस्त किए-961154
लंबित-485994
जांच में अटके-83241
छात्रवृति स्वीकृत-733581
------------------------



source https://www.patrika.com/barmer-news/ek-prakash-s-application-re-opened-15-lakh-30-thousand-389-remaining-7888884/

Comments

Popular posts from this blog

बाड़मेर ने निरस्त कर दिए 73757 और लंबित पड़े 20206

​Education Department Rajasthan: पैदल नहीं अब साइकिल चला स्कूल पहुंचेंगी 7. 5 लाख बालिकाएं

बाड़मेर में 2 दिन बाद से फिर सर्दी के तेवर होंगे तेज