जज्बे हो तो ऐसा....एक साल से कोरोना को हराने में जुटे योद्धा
बाड़मेर. जिला अस्पताल में कोरोना सैम्पलिंग के काम से जुड़े लोगों में कुछ कार्मिक ऐसे भी हैं जिन्होंने गत 19 मार्च 2020 से लगातार काम में जुटे हुए हैं। आज भी कोरोना मरीजों के नमूने संग्रहण और उनकी रिपोर्ट तैयार हुई या नहीं इसकी चिंता में है। कोरोना के मरीजों के फिर से आने का सिलसिला शुरू हुआ है तो इनका काम और बढ़ गया है। वैसे भी जिले में अभी कुल 200-250 के नमूनों की जांच नियमित रूप से चल रही है।
खुद संक्रमित हुए और आज भी वही जज्बा
मेडिकल कॉलेज में माइक्रोबायोलॉजी के सहायक आचार्य डॉ. मोतीलाल खत्री स्वयं भी कोरोना से संक्रमित हुए थे और मुकाबला करते हुए फिर से मरीजों की सेवा में जुटे हैं। ब्लड कैम्प करवाने के साथ माइक्रोबॉयोलॉजी लैब में कोरोना जांच की रिपोर्ट तैयार करवाने में अंग्रिम पंक्ति में है।
सेवा कार्य की जिम्मेदारी का बखूबी निर्वाह
कोलकाता मूल की रहने वाली माइक्रोबायोलॉजिस्ट दमयंती राय लगातार एक साल से नमूनों की जांच में जुटी है। बीमार पिता-पिता को छोड़कर यहां पर मरीजों की सेवा कार्य में संलग्न् है। जब यहां जांच नहीं होती थी तो सभी सैम्पल को लेबल करने के बाद टीम के साथ जोधपुर भेजने का जिम्मा बखूबी निभाया।
पूरी शिद्दत से जुटे हैं आज भी
राजकीय अस्पताल के प्रयोगशाला सहायक त्रिभुवन सोनी अब तक हजारों की सैम्पलिंग कर चुके हैं। कोरोना जब बहुत अधिक फैला था तो नजदीकी रिश्तेदार की मृत्यु पर भी नहीं गए और कोरोना महामारी से लोगों को बचाने की मुहिम में जुटे रहे। आज भी अपना कार्य शिद्दत से करते हैं।
कोरोना का पहला नमूना लेकर गए थे जोधपुर
राजकीय अस्पताल के प्रयोगशाला तकनीशिन प्रेमसिंह सोलंकी निर्मोही 19 मार्च 2020 को पहली बार कोरोना के नमूने लेकर जोधपुर गए। आज भी नमूने एकत्रित करने में हमेशा आगे रहते हैं। संदिग्धों के नमूने लेने के लिए मोक्षधाम में भी गए। वहीं खुद की बीमारी की चिंता किए बिना रात-दिन कोरोना को हराने में लगे हैं।
source https://www.patrika.com/barmer-news/barmer-corona-fighters-6756803/
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