अस्पताल पर बढ़ता मरीजों का दबाव, बाड़मेर में 2 साल में ओपीडी 5 से बढकऱ पहुंची 10 लाख पार

  • मेडिकल कॉलेज सम्बद्ध जिला अस्पताल में मरीजों की बढ़ती भीड़
  • संसाधन नहीं बढ़े रहे, मरीजों की लग रही है लम्बी कतारें
  • उपचार में लग रहा लम्बा समय, परामर्श, दवा और जांच में बीत रहा पूरा दिन

बीमारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके कारण अस्पतालों में रोगियों की लम्बी कतारें लग रही है। घंटों तक बीमारों को इंतजार करना पड़ रहा है। संसाधन कम और बढ़ते रोगी अस्पतालों के लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं है। मरीज के लिए कई बार लम्बा होता इंतजार भारी पड़ रहा है। बात चाहे ओपीडी की हो या फिर इमरजेंसी की। हर जगह मरीजों की लाइनें लगी रहती है। अस्पताल में मरीज किस तरह बढ़ रहे है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दो साल में ओपीडी का आंकड़ा लगभग दोगुना हो चुका है। इसके कारण अस्पतालों पर भी भारी दबाव है।

बाड़मेर में मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बेतहाशा बढ़ी है। कोविड के दौर के बाद अस्पताल में मरीजों की भीड़ इतनी अधिक रहती है कि छुट्टी वाले दिन भी कतारें देखी जा सकती है। राजकीय अवकाश को भी चिकित्सक यहां बैठे दिख जाएंगे। सामान्य दिनों में अभी सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक ओपीडी का समय निर्धारित है। लेकिन यहां पर कई बार निर्धारित समय के बाद भी रोगियों की कतारें लगी रहने से चिकित्सक उपचार करते है।

ओपीडी में मरीजों की कतारें

जिला अस्पताल की ओपीडी में साल 2021 में 5 लाख 87 हजार 179 मरीज पूरे साल में उपचार के लिए पहुंचे थे। लेकिन दो सालों में यह आंकड़ा 10 लाख को पार कर गया। साल 2023 में कुल 10 लाख 14 हजार 200 रोगी ओपीडी में उपचार को आए थे। इसमें सबसे अधिक रोगी मेडिसिन विभाग के रहे।

अस्पताल में दिखाने में लग रहा पूरा दिन

ओपीडी में सामान्य परामर्श मिलने पर मरीज को फ्री होने में ज्यादा देर नहीं लगती है। लेकिन इस दौरान चिकित्सक ने ब्लड टेस्ट, सोनोग्राफी, एक्स-रे आदि की जांच का परामर्श दे दिया तो पूरा दिन लग जाता है। भीड़ के कारण पर्ची से लेकर दवा और जांच के बाद रिपोर्ट तक कतारें लग रही है। हर जगह मरीज और परिजन को इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में मरीज को करीब पूरा दिन लग जाता है।

मरीज लगातार बढ़ रहे हैं

अस्पताल में रोगियों की भीड़ काफी बढ़ी है। ओपीडी और आईपीडी में भी मरीजों की संख्या पिछले सालों से लगातार वृद्धि की ओर है। ओपीडी में आने वाले मरीजों के लिए मेडिसिन विभाग में दो विशेषज्ञ चिकित्सकों के अलावा तीन चिकित्सक और बैठते है। जिससे यहां आने वाले रोगियों को उपचार के लिए लम्बा इंतजार नहीं करना पड़े। राजकीय अवकाश को भी ओ अस्तपाल पीडी में चिकित्सकों की ओर से नियमित रूप से सेवाएं दी जाती है। इसके बाद इमरजेंसी में भी बुखार-खांसी के मरीजों की जांच की सुविधा दे रहे है।

-डॉ. बीएल मंसूरिया, अधीक्षक राजकीय जिला अस्पताल बाड़मेर

बाड़मेर : जिला अस्पताल पर एक नजर

साल..........ओपीडी

2021 ..........587179

2022 ..........827686

2023 ..........1014200

(स्रोत...जिला अस्पताल बाड़मेर)



source https://www.patrika.com/barmer-news/opd-in-barmer-increased-from-5-to-10-lakh-in-2-years-8768291/

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