पैंथर के हमले से 4 लोग घायल, देर रात रेस्क्यू के बाद भी पकड़ में नहीं आया
बाड़मेर. रामजी का गोल निकटवर्ती डाबली गांव में पैंथर के आने से ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है। शनिवार को पैंथर के हमले से चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। पैंथर के डाबली गांव के एक खेत में रायड़े की फसल में छुपने की सूचना पर वन विभाग की टीम रेस्क्यू करने में जुटी रही। लेकिन, शनिवार देर रात तक पैंथर पकड़ में नहीं आया। वहीं, मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर गुड़ामालानी उपखंड अधिकारी प्रमोद कुमार, थानाधिकारी रमेशकुमार ढाका मौके पर पहुंचे। क्षेत्रीय वन अधिकारी नरसिंगाराम गौड़ ने बताया कि गुरुवार शाम को पैंथर के मूवमेंट होने की सूचना मिली थी। उपखंड अधिकारी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में सर्च आॅपरेशन शुरू कर दिया। वहीं, शुक्रवार को पूरे दिन पदचिन्हों के आधार पर सर्च आॅपरेशन चलाया। उसके बाद बांटा गांव तक पदचिन्ह मिले उसके बाद कोई पदचिन्ह नहीं मिले थे। शनिवार को डाबली गांव में एक खेत में खड़े किसान पर हमले की सूचना मिली तो देर रात तक यहां एक खेत में खड़ी रायड़े की फसल में सर्च आॅपरेशन चलाया। लेकिन, पैंथर को नहीं पकड़ पाए। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि वन विभाग की टीम की ओर से पैंथर के मूवमैंट पर नजर रखकर ट्रैस करने का प्रयास किया जा रहा है।
क्षेत्र के गांवों में दहशत का माहौल
पुलिस ने बताया कि पैंथर के हमले से जोधाराम पुत्र गेनाराम कलबी निवासी डाबली व हीराराम पुत्र रुपाराम भील, दूदाराम पुत्र कल्लाराम भील, भोमाराम पुत्र हरजीराम भील निवासी बेरीगांव गंभीर घायल हो गए। जिन्हें घायलावस्था में अस्पताल लेकर गए जहां उनका उपचार किया गया। वहीं, पैंथर के पकड़े नहीं जाने पर डाबली गांव समेत क्षेत्र के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ हैं।
source https://www.patrika.com/barmer-news/panther-attack-1-8009043/
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