बाड़मेर के कांस्टेबल ने दिखाया साहस, बचा ली कई जिंदगियां, सीएम ने पीठ थपथपाई

शेरगढ़ थानान्तर्गत भुंगरा गांव में शादी समारोह में गैस के दो सिलेंडर फटने से लगी आग के बीच लपटों से घिरे दो सिलेंडर जान जोखिम में डालकर बाहर निकालने वाले कांस्टेबल डूंगरसिंह घाट को गैलेंट्री प्रमोशन मिलेगा। हताहतों से मिलने महात्मा गांधी अस्पताल आए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांस्टेबल डूंगरसिंह की पीठ थपथपाई और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) उमेश मिश्रा से गैलेंट्री प्रमोशन की अनुशंषा की। पदोन्नति का प्रस्ताव बनाकर पुलिस मुख्यालय भिजवा दिया गया।

सीएम अशोक गहलोत आग से झुलसे ग्रामीणों से मिलने के लिए सुबह एमजीएच आए, जहां उन्होंने कांस्टेबल की बहादुरी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे बहादुर जवानों की सख्त जरूरत है। राजस्थान पुलिस व अन्य लोग भी डूंगरसिंह जैसे जवानो से आपात हालात में सहयोग करना सीखें।

मुख्यमंत्री ने कांस्टेबल डूंगरसिंह को पदोन्नत करने की अनुशंषा की। डीजीपी मिश्रा ने पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अनिल कयाल आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश दिए। एसपी कयाल ने तुरंत गैलेन्ट्री प्रमोशन का प्रस्ताव बनाकर पुलिस मुख्यालय भेजा। एसपी अनिल कयाल का कहना है कि मुख्यमंत्री की अनुशंषा पर कांस्टेबल डूंगरसिंह का प्रमोशन का प्रस्ताव बनाकर पीएचक्यू भेजा गया है। जल्द ही पदोन्नति आदेश होने की उम्मीद है।

लपटों से घिरे दो सिलेंडर दीवार के ऊपर से बाहर फेंके : डूंगरसिंह

बाड़मेर जिले में गिड़ा के मानपुरा निवासी कांस्टेबल डूंगरसिंह का कहना है कि आग की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। तब तक दो सिलेंडर फट चुके थे। पूरा घर आग की लपटों से घिरा हुआ था। सबसे पहले घर में से महिलाओं व बच्चों को बाहर निकाला। इतने में गैस से भरी दो और सिलेंडरों में आग लग गई थी। जो फटती तो और बड़ा हादसा हो सकता था। ऐसे में आव देखा न ताव मकान में घुसा और जल रहे दोनों सिलेण्डरों को पकड़ कर दीवार के ऊपर से बाहर फेंक दिए। फिर उन्हें मिट्टी में डालकर आग बुझाई। ग्रामीणों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया था। बचाने के दौरान कांस्टेबल के हाथ झुलस गए थे। कांस्टेबल के पिता सेवानिवृत्त शिक्षक हैं।



source https://www.patrika.com/barmer-news/rajasthan-police-bravery-7913243/

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