नाम के आयुर्वेद औषधालय, वर्षों से पद रिक्त, आमजन को परेशानी

नाम के आयुर्वेद औषधालय, वर्षों से पद रिक्त, आमजन को परेशानी
समदड़ी. कोरोना जैसी महामारी में भले ही देशी आयुर्वेद जड़ी बूटियों की मांग बढ़ी हो मगर देसी आयुर्वेद दवाओं से मरीजों का इलाज करने के लिए सरकार की ओर से खोले गए राजकीय आयुर्वेद औषधालयों में वर्षों से चल रहे रिक्त पदों से आयुर्वेद पद्धति कमजोर होती जा रही है। समदड़ी ब्लॉक में तो अधिकाश पद विगत कई वर्षों से रिक्त चल रहे है। कई औषधालयों में तो स्वीकृत सभी पद रिक्त होने की वजह से जनता को लाभ नहीं मिल रहा है।

सात औषधालय में पद रिक्तता की स्थिति

समदड़ी ब्लॉक के सात राजकीय औषधालयों में पद रिक्त चल रहे है। कोटड़ी में चिकित्सक, कंपाउडर व परिचारक तीनों पद पिछले चार वर्ष से रिक्त हैं। बामसीन औषधालय में भी ये तीनों पद पिछले छह वर्ष से खाली होने से ये औषधालय अधिक समय तक ताले में कैद ही रहता है। सेवाली में सात वर्ष से चिकित्सक का पद रिक्त चल रहा है यहां औषधालय का जिम्मा कंपाउडर के भरोसे चल रहा है। करमावास में छह वर्ष से कंपाउडर का पद रिक्त है तो रानीदेशीपुरा में कम्पाउंडर व परिचारक का पद छह वर्ष से रिक्त है। समदड़ी व जेठंतरी औषधालय में भी कंपाउंडर के पद वर्षो से रिक्त होने से यहां की आयुर्वेद चिकित्सा प्रणाली पूर्ण रूप से प्रभावित हो रही है।

आयुर्वेद का महत्व बढ़ा

पिछले कुछ वर्षों में आयुर्वेद चिकित्सा प्रणाली का महत्व बढ़ा है। कोरोना महामारी के दौरान भी आयुर्वेद पद्धति का ईलाज काफी कारगर साबित रहा। इस दौरान देसी जड़ी बूटियों का महत्व काफी बढ़ गया था। अभी हाल ही में पशुओं में फैले लंपी रोग पर नियंत्रण के लिए भी इसी आयुर्वेद उपचार को महत्वपूर्ण बताया गया था। सर्दी, खांसी, जुकाम आदि के दौरान गांवों में आज भी आयुर्वेद निर्मित काढ़ा बनाकर पीने की परंपरा कायम है। विभिन्न बीमारियों में आयुर्वेद ईलाज लिया जा रहा है।



source https://www.patrika.com/barmer-news/ayurveda-dispensary-named-trouble-to-the-common-man-7923187/

Comments

Popular posts from this blog

BARMER#बारहवीं में हो गए थे फेल, मेहनत के बल पर बने असिस्टेंट प्रोफेसर

BARMER#रेड से ऑरेंज जोन में बाड़मेर, हर घर नल कनेक्शन की दिल्ली अभी दूर

BARMER#जीएसएस में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की मांग को लेकर धरना जारी