वन एवं वन्य जीव प्रकृति की अनुपम कृति-चौधरी
वन एवं वन्य जीव प्रकृति की अनुपम कृति-चौधरी
बाड़मेर. वन एवं वन्य जीव संरक्षण सप्ताह के तहत बलदेवनगर में चित्रकला व भाषण प्रतियोगिता तथा पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप वन संरक्षक दीपक चौधरी ने कहा कि वन एवं वन्य जीव प्रकृति की अनुपम कृति है, जिनकी लाखों प्रजातियां हैं उनका सरंक्षण करना अति आवश्यक है। वर्तमान में हजारों की संख्या में प्रजातियां विलुप्ति के कगार पर है। उन्होंने छात्रों से बातचीत करते हुए कहा कि हमारे जीवन में अनुशासन का बहुत महत्व है। विशिष्ट अतिथि सहायक उप वन संरक्षक डॉ. भंवरलाल ने जैव विविधता और उसके हॉट स्पॉट पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अध्यक्ष भारतीय डाक विभाग के इंस्पेक्टर पवन धतरवाल ने खाद्य श्रृंखला और पारिस्थितिकी संतुलन के बारे में जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के संयोजक ललित सऊ ने कहा कि पौधे लगाकर हमें प्रकृति की खूबसूरती को बढ़ाना चाहिए। कवि मगराज मधु ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लोक संत जांभोजी व जसनाथ के उल्लेखनीय योगदान पर प्रकाश डाला। चित्रकला प्रतियोगिता में देवीलाल जाणी ने प्रथम, मुकेश सारण ने द्वितीय और बांका राम भादू ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार भाषण प्रतियोगिता में रमेश सियाग ने प्रथम, रामाराम सियाग ने द्वितीय और जयंती पावड़ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कंवराज जाखड़, केशर चौधरी, भरत कुमार, मुकेश कुमार उपस्थित रहे। गोविन्द सारण ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
source https://www.patrika.com/barmer-news/the-unique-work-of-forest-and-wildlife-nature-chaudhary-7816049/
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