कुपोषित बच्चों को छह माह में लाएं सामान्य श्रेणी में

बाड़मेर. जिले में कुपोषण एवं एनीमिया की दर को कम करने के लिए चलाए जा रहे मिशन सुरक्षा चक्र को लेकर जिला कलक्टर लोक बंधु की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की बैठक हुई। बैठक में बीपीएम, बीएनओ, ब्लाॅक व पीएचसी हेल्थ सुपरवाइजर, आरकेएसके काउंसलर, आइसीडीएस विभाग के एनएनएम के ब्लाॅक कोर्डिनेटर ने भाग लिया। कलक्टर कहा कि आप सभी के सहयोग से जिले को कुपोषण एवं अनीमिया मुक्त बनाया जाएगा। जिले में 350 अतिकुपोषित बच्चो की पहचान की गई है जिनको आशा एवं कार्यकर्त्ता फॉलोअप कर दवाई व पोषाहार दे रही हैं। इन बच्चो को आगामी छह माह में अतिकुपोषित की श्रेणी से सामान्य श्रेणी में लाना है।

डब्लूएचओ एसएमओ डॉ पंकज सुथार ने मिशन सुरक्षा चक्र कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। जिला कार्यक्रम प्रबंधक सचिन भार्गव ने राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा कर लक्ष्यों को समय पर अर्जित करने को कहा। जिला आशा समन्वयक राकेश भाटी ने वीएचएसएनसी, एचबीएनसी, एचबीवाईसी, मां कार्यक्रम की जानकारी दी।

ख़ुशी बेबी टीम जयपुर के डॉ राजीव ने डिजिटल हेल्थ सर्वे एप्लीकेशन पर पीपीटी के माध्यम से प्रशिक्षण दिया। बैठक में एडिशनल सीएमएचओ डॉ हरदान सारण, डीएनओ मुकेश सिंघाडि़या, सुराब खान उपस्थित रहे |

बाड़मेर. अनीमिया मुक्त राजस्थान अभियान के तहत अब हर माह का प्रथम मंगलवार शक्ति दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान अनीमिया की दर को कम करने के लिए बच्चों, किशोर- किशोरियों, प्रजनन उम्र की महिलाओं, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के लिए विशेष गतिविधियां की जाएंगी। जिसमें स्क्रीनिंग, हिमोग्लोबिन की जांच, उपचार तथा अनीमिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। आरसीएचओ डॉ. प्रीत मोहिंदर सिंह ने बताया कि यह दिवस प्रत्येक आंगनबाडी केंद्रों, राजकीय स्कूलों, उप स्वास्थ्य केंद्रों, सीएचसी, पीएचसी व राजकीय चिकित्सा संस्थानों पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न विभागों का योगदान रहेगा।



source https://www.patrika.com/barmer-news/bring-malnourished-children-to-normal-category-in-six-months-7525243/

Comments

Popular posts from this blog

बाड़मेर ने निरस्त कर दिए 73757 और लंबित पड़े 20206

​Education Department Rajasthan: पैदल नहीं अब साइकिल चला स्कूल पहुंचेंगी 7. 5 लाख बालिकाएं

बाड़मेर में 2 दिन बाद से फिर सर्दी के तेवर होंगे तेज