जरा ठहरो जिंदगी....बाड़मेर से दूध और खून दोनों आ रहे है...

महेन्द्र त्रिवेदी
बाड़मेर पत्रिका. जन्म लेते ही बच्चे को मां का दूध नहीं मिले तो उसके परिजनों की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है और दुर्घटना-प्रसव या अन्य अकस्मात जरूरत पर जब खून न मिले तो परिजन मारे-मारे फिरते है तब उनके लिए एक रक्तदाता किसी भगवान से कम नहंीं होता है। इन दोनों में बाड़मेर तो अब मिसाल बन गया है। यहां बच्चे को जन्म देने वाली मां का दूध अब अजमेर तक पहुंच रहा है और रक्तदाताओं का खून सिरोही में अनजाने लोगों को जिंदगी दे रहा है। रक्तदान और माता के दुग्धदान की यह बेमिसाल इबारत बाड़मेर लिख रहा है उन उत्साही लोगों के बूते जो रक्तदान के लिए हर वक्त खड़े नजर आते है ।
प्यासे मरूधर से जिंदगी को विश्वास
पानी के लिए प्यासी मरुधरा अमृत और जिंदगी बांटने में आगे आ गई हैै। बाड़मेर का आंचल मदर मिल्क बैंक एक मिसाल है, जहां से जरूरत के वक्त नवजात मासूमों के लिए अजमेर मेडिकल कॉलेज को मदर मिल्क भेजा गया था। बाड़मेर में आंचल मदर मिल्क बैंक की स्थापना के कुछ समय बाद ही अजमेर मेडिकल कॉलेज से नवजातों के लिए मां के दूध की जरूरत महसूस की गई थी। बाड़मेर का मदर मिल्क इतना सक्षम हो चुका कि उसने यहां से नवजातों के लिए बड़ी मात्रा में दूध भेजा। जरूरत के वक्त अन्य जिलों के मासूमों के लिए एक मां के रूप में उभर कर सामने आया।
रेगिस्तान से सिरोही को रक्त
सिरोही के राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल को मंगलवार को 110 यूनिट रक्त भेजा गया। सिरोही अस्पताल की ओर से डिमांड 100 यूनिट की आई थी, बाड़मेर ने 10 यूनिट अतिरिक्त भेजा। सिरोही को एक बार पहले भी रक्त भेज चुके है,वहां पर रक्तदान की कमी है।
रक्तदान कैसे हो रहा संभव
- रक्तदान के लिए बाड़मेर में कई ग्रुप मिसाल बने
- जन्मदिवस पर रक्तदान करने की हुई पहल
- रक्तदाताओं में महिला-पुरुष दोनों आ रहे आगे
- रक्तदाताओं को प्रेरित करने की अनवरत श्रृंखला
दुग्धदान की यों बन रही है मिसाल
- बाड़मेर में संस्थागत प्रसव अधिक
- संस्थागत प्रसव में मदर मिल्क में दूध का माताएं करती है दान
- नियमित मॉनिटरिंग से मदर मिल्क बैंक में कभी नहीं आई कमी
हमें भी नाज है
हमें इस बात का नाज है कि कोरोनाकाल हों या फिर कोई विकट परिस्थिति मरीजों की सेवा का जो भाव बाड़मेर में है, वो अद्वितीय है। यहां रक्तदान को लेकर अस्पताल को चिंता नहीं है। इस कारण ही हम अन्य जिलों में भी मददगार बन रहे है।
- डा. बीएल मंसूरिया, अधीक्षक एवं प्रमुख चिकित्सा अधिकारी मेडिकल कॉलेज बाड़मेर
रक्तदाता बन रहे है मिसाल
110 यूनिट खून सिरोही के लिए दिया गया है, यह इसलिए संभव है कि यहां उपलब्धता है। बाड़मेर के रक्तदाताओं के मिसाल बनने से यह संभव हो रहा है।
- डॉ. रविंद्र कुमार यादव, राजकीय ब्लड बैंक बाड़मेर



source https://www.patrika.com/barmer-news/just-wait-life-both-milk-and-blood-are-coming-from-barmer-7497194/

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