दीक्षार्थी को खुद की नहीं मानव कल्याण की चिंता
बाड़मेर. स्थानीय तेरापंथ भवन बाड़मेर में तेरापंथ सभा की ओर से बाड़मेर की चार मुमुक्षु बहनों का अभिनंदन किया गया। मुमुक्षु नर्मदा छाजेड़, भावना संकलेचा, विनीता संकलेचा व सोना मालू का अभिनंदन किया गया।
तेरापंथ महिला मंडल व कन्या मंडल ने गीतिका की प्रस्तुति दी। तेरापंथ सभा के मंत्री गौतम बोथरा ने मुमुक्षु बहनों की जीवनी पर प्रकाश डाला। कृषि विज्ञान केंद्र गुड़ामालानी के डॉ. प्रदीप पगारिया ने बताया कि दीक्षार्थी अपना सब कुछ न्योछावर कर के संयम मार्ग पर निकले हैं। इनको भविष्य में खुद की कोई चिंता नहीं मानव कल्याण की चिंता रहती है। पगारिया ने कहा कि संयम के जीवन पर चलना कठिन कार्य है। साधु जीवन परोपकार के लिए होता है जिसका अंगीकार करना अपने आप में बड़ा बलिदान है।
एडवोकेट मुकेश जैन ने भी विचार व्यक्त किए। सभा अध्यक्ष जवरीलाल चोपड़ा, रतनलाल गोलेच्छा, पुखराज बोकडि़या, राजू गोलेच्छा, गौतम भंसाली, अमृत वडेरा, नेमीचंद छाजेड़, विपुल बोथरा, चंद्रा बोकडि़या, मंजू चोपड़ा, तुलसी सिंघवी, ज्योति सिंघवी, रुचिका मालू उपस्थित थे।
source https://www.patrika.com/barmer-news/convicts-do-not-concern-themselves-with-human-welfare-6823688/
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