दम निकाल रहा तेल, खाने का डबल सैंचुरी की ओर, पेट्रोल को 100 को पार करने की जल्दी

बाड़मेर. खाने का तेल हो या फिर वाहन में भरवाने का, दोनों ही तेल ने बजट बिगाड़ कर रख दिया है। खाने का तेल डबल सैंचुरी की ओर बढ़ रहा है तो पेट्रोल सैकड़ा के बिल्कुल पास आकर थम गया है। दोनों वस्तुएं ऐसी है कि इनके बिना रोज का काम ही नहीं चल सकता है। मजबूरी में लोगों के सामने राशनिंग के अलावा कोई विकल्प नहीं है। ऐसे में लोगों ने उपयोग में कमी की ओर कदम बढ़ाए हैं।
पेट्रोल जितनी तेजी से चढ़ा उससे अधिक खाने के तेल ने दौड़ लगाई। मूंगफली का तेल 195 रुपए प्रति लीटर तक बिक रहा है। हालांकि इसमें ब्रांड में बदलाव होने पर कुछ कम ज्यादा हो सकता है। लेकिन 180 रुपए से कोई भी ब्रांड प्रति लीटर से कम में नहीं बेच रहा है। इसका सीधा असर गृहिणियों और रसोई के बजट पर आ रहा है।
खाने के तेल के दाम नहीं थम रहे
खाने का तेल चाहे वह सोयाबीन, सरसों व मूंगफली या कोई अन्य सभी के दाम बेतहाशा चढ़ रहे हैं। महीने के राशन की राशि का अधिकांश हिस्सा तेल पर खर्च हो रहा है। पिछले साल के मुकाबले देखा जाए तो मार्च तक आते-आते प्रति लीटर करीब 30-35 रुपए तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। औसत माना जाए तो जनवरी-मार्च तक करीब 10 रुपए प्रति महीना तक बढ़ गए, जो अब तक बदस्तूर जारी है।
पेट्रोल 100 के पास आकर रुका
पेट्रोल के दाम भी लगातर बढ़े, अब बिल्कुल 100 रुपए के पास आकर रुक गए हैं। प्रति लीटर 100 रुपए अभी नहीं हुए हैं, लेकिन 99.92 रुपए तक हो चुके थे। अब रोजाना कुछ पैसे कम हो जाते हैं। लेकिन माना जाए तो 100 रुपए प्रति लीटर हो चुके हैं। वहीं प्रीमियम पेट्रोल बाड़मेर में गत 13 फरवरी को ही 100 रुपए लीटर के आंकड़े को पार कर चुका है।
राशनिंग की ओर बढ़ रहे कदम
दोनों तरह के तेल की जरूरत आमजन को रोजाना ही रहती है। दाम में कमी की कोई उम्मीद कहीं नजर नहीं आ रही है। ऐसे में लेागों ने अपने बजट के हिसाब से तेल को लेकर राशनिंग करनी शुरू कर दी है। खाने में तेल का उपयोग कुछ कम करने की कोशिश की जा रही है। वहीं घर में चार वाहन है तो उनमें से दो को उपयोग किया जा रहा है। जिससे पेट्रोल में पैसा ज्यादा नहीं लगे।



source https://www.patrika.com/barmer-news/oil-price-raising-6762192/

Comments

Popular posts from this blog

बाड़मेर ने निरस्त कर दिए 73757 और लंबित पड़े 20206

​Education Department Rajasthan: पैदल नहीं अब साइकिल चला स्कूल पहुंचेंगी 7. 5 लाख बालिकाएं

बाड़मेर में 2 दिन बाद से फिर सर्दी के तेवर होंगे तेज