पश्चिमी सरहद पर आईएसआई की नजर, हमारे यहां पोलमपोल, जानिए पूरी खबर

बाड़मेर. पश्चिमी सरहद पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई अपना नेटवर्क बढ़ाने की फिराक में मादक पदार्थो की तस्करी और गुर्गे तैयार करने में जुटी है तो भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की पोलमपोल बार-बार सामने आ रही है। अभी तीन महीने पहले एक युवक भारत से पाकिस्तान तारबंदी फांदकर गया है तो हेरोइन की खेप पकड़े जाने की दूसरी वारदात सामने आ गई है। बड़ी लापरवाही यह भी है कि उत्तरलाई एयर स्टेशन में अब बिना नंबरी वाहन तब धरे गए जब परिवहन महकमे ने पकड़ा, वायुसेना की सुरक्षा सवालों के घेरे में खड़ी थी।


आईबी की चौकियां नहीं
बॉर्डर पर राष्ट्रविरोधी तत्वों पर नजर रखने के लिए वर्ष 2009 तक सीआइडी बॉर्डर इंटेलिजेंस की चौकियां थी, लेकिन वर्ष 2010 के आरंभ में राज्य सरकार ने बॉर्डर के बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर व गंगानगर की चौबीस सीमा चौकियों को बंद कर दिया। उसके बाद एटीएस की नजर रख रही है।


पुलिस-बॉर्डर इंटेलीजेंसी में नहीं तालमेल
यहां बॉर्डर पर पुलिस व इंटेलीजेंसी के बीच कोई तालमेल नहीं है। साथ ही ऐसे मामलों में बीएसफ भी सहयोग नहीं करती है। यहां पुलिस व इंटेलीजेंस को लंबे समय से कोई बड़ा इनपुट नहीं मिला है। साथ ही दोनों एजेंसियों का खुफिया तंत्र कमजोर हो गया है।


एसएसबी का नेटवर्क टूटा
भारत-पाक पश्चिमी सरहद पर करीब 20 साल पहले एसएसबी का नेटवर्क हुआ करता था, उस वक्त एसएसबी के जवान बॉर्डर पर होने वाली गतिविधियां पर निगरानी रखते थे, लेकिन उन्हें तारंबदी होने के बाद हटा दिया गया था।
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केस-1
करीब तीन माह पूर्व एक बदहवाश युवक भागते हुए भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा की तारबंदी को लांघकर पार हो गया है। बीएसएफ को भनक तक नहीं लगी और 77 दिन तक यह मामला ऐसे छुपाए रखा गया है कि जैसे किसी केा पता चल गया तो पोल खुल जाएगी। न सुरक्षा एजेंसिया कुछ सामने लाई और न ही अन्य कोई। पत्रिका ने खुलासा किया तो कबूल किया कि तारबंदी लांघ दी गई है।
केस-2.
उत्तरलाई रेलवे स्टेशन में दो दिन पहले ऐसे वाहन पकड़े गए है जो चोरी व बिना नंबर के बताए जाते है। उत्तरलाई एयर स्टेशन में जांच की पुख्ता व्यवस्था के बावजूद एक ठेेकेदार की यह कारगुजारी सुरक्षा से जुड़े लोगों की पकड़ में नहीं आई। चोरी या बिना नंबरी इन वाहनों को स्टेशन के भीतर तक ले जाने वालों को कौनसा दूध का धुला माना जा सकता है ।
केस-3
पाकिस्तान में बैठा फोटिया भारत में हेरोइन का नेटवर्क चला रहा है। पंजाब से कांटेक्ट करता है और बाड़मेर में गुर्गे तैयार। तमाम सुरक्षा एजेंसिया हेरोइन आने के बाद में कार्यवाही पर ये खुलासे कर रही है। यहां इनका सरगना कौन है? नेटवर्क को यहां इक्के-दुक्के लोग संचालित कर रहे है या पूरी गैंग है दो दशक की कार्यवाही में ऐसा कहीं नजर नहीं आया।
केस-4
छह माह पहले पाकिस्तान तस्कर रोशन खान ने नकली नोट व हेरोइन की खेप सीमा से पार करवा दी और यहां स्थानीय तस्करों ने कुरियर प्राप्त किया और आगे सप्लाई देने की तैयारी में थे। ऐसे में एक नकली नोट बैंक तक पहुंचा गया और बैंक कर्मियों की सूझबूझ के चलते नकली नोट खेप व हेरोइन का बड़ा खुलासा हुआ।
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source https://www.patrika.com/barmer-news/isi-eyes-on-western-border-6703932/

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