बालिका प्रोत्साहन में जिम्मेदारों के बेरुखी पड़ रही भारी-

दिलीप दवे बाड़मेर. जिले की सैकड़ों छात्राएं जो कस्तूरबागांधी स्कू  ल में पढ़ चुकी है, वे जिम्मेदारों की बेरुखी के चलते सरकारी छात्रवृत्ति से वंचित रह सकती है। तीन बार सूचना मांगने के बावजूद नहीं देने से इन छात्राओं की छात्रवृत्ति पर संशय के बादल मंडरा गए हैं। स्थिति यह है कि जिले के सभी छह कस्तूराबागांधी विद्यालयों से मांगने के बावजूद सूचना नहीं मिल पाई है। शैक्षणिक सत्र २०१७-१८ में जिले के कस्तूरबागांधी विद्यालयों में अध्ययन कर चुकी बालिकाएं जो वर्तमान में पढ़ाई कर रही है, उनको विशेष सावदी जमा रसीद ( एसटीडीआर) योजना के तहत एफडीआर बना कर दी जाती है। योजना के तहत एेसी बालिकाएं २०१९-२० में सरकारी विद्यालय से पचास फीसदी अंकों के साथ दसवीं उत्तीर्ण करने के बाद शिक्षा सत्र २०२०-२१ में ग्यारहवीं में अध्ययनरत है, उसको दो हजार रुपए की एफडीआर पांच साल के लिए बना कर दी जाती है। किसी भी कस्तूरबागांधी विद्यालय से आठवीं उत्तीर्ण करने के बाद शिक्षा सत्र २०१९-२० में राजकीय विद्यालय से पचास फीसदी अंक से बारहवीं उत्तीणर्् कर २०२०-२१ में स्नातक प्रथम वर्ष में अध्ययनरत है उसको चार हजार रुपए की एफडीआर तीन साल की बना कर दी जाती है। योजना के तहत बाड़मेर से एक भी आवेदन नहीं गया है जबकि सैकड़ों बालिकाएं कस्तूरबागांधी में आठवीं तक पढऩे के बाद स्नातक,स्नातकोत्तर कर चुकी हैं।

गौरतलब है कि योजना को लेकर सरकार की मंशा बालिकाओं को स्नातक तक शिक्षित करने की है। ये है शर्ते- योजना के तहत लाभान्वित होने वाली बालिकाओं को लाभ तभी मिलेगा जब वे स्नातक उत्तीर्ण करती है। पढ़ाई अवरुद्ध होने की स्थिति में तीन साल की अधिक अवधि तक भी स्नातक करने पर छात्रवृत्ति देय होगी।

इसके बाद एफडीआर की राशि सरकार के खाते में जमा हो जाएगी। एफडीआर छात्रा के साथ जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय माध्यमिक के साथ संयुक्त रूप से बना कर सुपुर्द की जाएगी। निर्धारित अवधि में छात्रवृत्ति राशि नहीं उठाने पर नवीनीकरण जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक के साथ संयुक्त हस्ताक्षर करवाने पर ही होगा।

तीन बार स्मरण पत्र, नहीं भेजी सूचना- जानकारी के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय माध्यमिक शिक्षा बाड़मेर ने तीन बार स्मरण पत्र भेजे लेकिन सूचना नहीं मिली। प्रथम बार स्मरण पत्र ३० दिसम्बर को भेजा। द्वितीय स्मरण पत्र १८ जनवरी को तथा तीसरा स्मरण पत्र १८ फरवरी को भेजा गया, लेकिन अभी तक किसी भी कस्तूरबागांधी स्कू  ल से सूची नहीं आई है। गौरतलब है कि बाड़मेर में रामसर, सेड़वा, गडरारोड, बालोतरा, बायतु, चौहटन, सिवाना में कस्तूरबागांधी विद्यालय है।

नहीं मिली सूचना, बजट में दिक्कत- सरकारी की महत्ती योजना है जिसका लाभ छात्राओं को मिलना चाहिए। हमारे कार्यालय से तीन बार स्मरण पत्र भेजे गए, लेकिन अब तक सूचना नहीं आई है। समय पर सूचना नहीं देने से बजट को लेकर दिक्कत हो सकती है। जल्द सूचना देकर बालिकाओं को लाभान्वित किया जाए।- जेतमालसिंह राठौड़, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय माध्यमिक शिक्षा बाड़मेर



source https://www.patrika.com/barmer-news/the-responsibilities-of-girl-child-incentives-are-becoming-overwhelmin-6714294/

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