ओलावृष्टि नहीं बीमा क्लेम देख किसानों के निकल रहे आंसू

केस संख्या-०१

सोडियार निवासी मोडाराम बेनीवाल के खेत में मार्च २०१९ में ओलावृष्टि के चलते काफी नुकसान हुआ। उसने निजी कम्पनी के मार्फत बीमा करवा रखा था, इंतजार था कि जब बीमा क्लेम मिलेगा तो कुछ राहत मिलेगी। अब जब कम्पनी ने बीमा क्लेम राशि जमा करवाई तो मात्र १४७ रुपए ही है। अब किसान परेशान है कि वह राशि मिलने पर खुश हो या फिर कम मिलने का गम सहे।

केस संख्या -०२ सोडियार निवासी जेठाराम ने भी रबी की फसल बुवाई से पहले फसलों को बीमा करवाया था। फसल अभी तैयार हो ही रही थी कि ओलावृष्टि हो गई। इस पर काफी नुकसान सहना पड़ा,लेकिन मन में तसल्ली थी कि बीमा करवा रखा है इसलिए मुआवजा मिल जाएगा। अब बैंक खाते में मुआवजा आया तो मात्र एक सौ सैंतालीस रुपए।

दिलीप दवे बाड़मेर. पिछले साल रबी की फसलों को ओलावृष्टि से हुए नुकसान को देख किसानों के जितने आंसू नहीं निकले थे उससे ज्यादा मुआवजा राशि देख निकल रहे हैं। लम्बे के इंतजार के बाद मुआवजा राशि मिली भी तो मात्र सवा सौ-डेढ़ सौ रुपए। यह स्थिति जिले के कई गांवों में है। चौहटन तहसील के सोडियार गांव में तो सैकड़ों किसानों के खातों में सवा सौ से लेकर पच्चीस सौ रुपए तक की राशि जमा हुई है जबकि किसानों के अनुसार इससे ज्यादा तो उन्होंने बीमा क्लेम राशि जमा करवाई थी।

एेसे में किसान बीमा कम्पनी से कम मुआवजा मिलने पर ठगा महसूस कर रहे हैं। पिछले साल मार्च में अचानक ओलावृष्टि हुई। इसके चलते बाड़मेर जिले में सैकड़ों गांवों में जीरा, ईसबगोल व अरण्डी की फसलों को नुकसान हुआ। मेहनत की कमाई पर पानी फिरता देख किसानों के आंसू निकल गए थे। इसके बाद जनप्रतिनिधियों, किसान वर्ग ने मुआवजे की मांग की। इस पर सर्वे करवाया गया। सर्वे होने पर किसानों को लगा कि उनकी मेहनत पर पूरा पानी नहीं फिरेगा और कुछ तो मुआवजा मिलेगा। उस बात को करीब पौने दो साल बीतने के बाद अब किसानों के खातों में बीमा राशि जमा हुई तो किसानों का दर्द छलक रहा है।

क्योंकि राशि ऊंट में मुंह जीरा भी नहीं है। हजारों व लाखों रुपए की बर्बादी सहने वाले किसानों को बीमा कम्पनी से मात्र डेढ़ सौ-दो सौ रुपए ही मिले हैं।

अधिकांश किसानों को ढाई हजार से कम ही मिले है। बीमा राशि ज्यादा, क्लेम बहुत कम- किसानों के अनुसार उन्होंने बीमा करवाते वक्त कम्पनी के खाते में पांच हजार व इससे अधिक की राशि जमा करवाई थी, लेकिन अब क्लेम की राशि आई है तो सौ-दो सौ रुपए ही है।

एेसे में वे अपने को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

147 रुपए ही आए- मेरे बैंक खाते में दो दिन पहले बीमा क्लेम राशि मिली है जो मात्र 147 रुपए ही है। मैने तो बीमा करवाते वक्त पांच हजार रुपए दिए थे। जनप्रतिनिधि किसानों की पैरवी कर उचित मुआवजा दिलवाए।- मोडाराम बेनीवाल, किसान

घावों में नमक जैसी स्थिति - १४७ रुपए की बीमा क्लेम राशि मिली है। यह तो किसानों के घावों में नमक लगाने जैसी स्थिति है। क्लेम राशि बढ़ाने के लिए जनप्रतिनिधि पैरवी करे।- जेठाराम, किसान

बीमा क्लेम निजी कम्पनी के मार्फत- राज्य सरकार की ओर से भी मुआवजा राशि दी जा रही है। पांच सौ से लेकर तेरह हजार रुपए तक की राशि जमा हो रही है। बीमा क्लेम का भुगतान निजी कम्पनी के मार्फत होता है इसलिए कम राशि आने की जानकारी प्रशासन को नहीं है।- सवाईसिंह, तहसीलदार चौहटन



source https://www.patrika.com/barmer-news/seeing-insurance-claims-not-hail-farmers-getting-tears-6595536/

Comments

Popular posts from this blog

बाड़मेर ने निरस्त कर दिए 73757 और लंबित पड़े 20206

​Education Department Rajasthan: पैदल नहीं अब साइकिल चला स्कूल पहुंचेंगी 7. 5 लाख बालिकाएं

बाड़मेर में 2 दिन बाद से फिर सर्दी के तेवर होंगे तेज